जयपुर में पत्नी ने जहां पति की संदिग्ध मौत को आत्महत्या बताया था, वहीं अब मृतक के पिता ने अपनी बहू और उसके पिता के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। पिता ने रिपोर्ट में कहा है कि बेटे को जहर देकर फंदे से लटकाने की कोशिश की थी। मृतक के पिता ईश्वर लाल नायक ने आदर्श नगर थाने में बुधवार को रिपोर्ट दी है। जिसमें मृतक की पत्नी सुनीता नायक और उसके पिता लहरी सिंह नायक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। युवक की 4 महीने पहले संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पिता ने रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि विक्रम को जहर देने के बाद उसकी हत्या की गई और घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए फंदे पर लटकाने की कोशिश की गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बहन को फोन कर बताई थी पत्नी से कहासुनी पुलिस को दी रिपोर्ट में ईश्वर लाल ने बताया कि 19 जून की शाम करीब 7 बजे विक्रम नायक ने अपनी बहन ललिता को फोन किया था। विक्रम ने बताया था कि मेरी पत्नी सुनीता मेरे साथ लड़ाई-झगड़ा कर रही है। मुझे छोड़कर दूसरे व्यक्ति के साथ रहने की धमकी दे रही है। इसके अगले दिन 20 जून को विक्रम के ससुर लहरी सिंह नायक ने ललिता को फोन कर बताया था कि विक्रम ने जहर खा लिया है और परिवार के लोगों को मौके पर बुलाया। फोन आने के बाद ईश्वर लाल अपने दोनों बेटे मोहित, विष्णु और परिवार के लोगों के साथ तिलक नगर अपार्टमेंट स्थित विक्रम के मकान पर पहुंचे। यहां विक्रम कमरे के फर्श पर पड़ा मिला। गले पर फंदे जैसा निशान, चेहरे पर चोट परिजनों के अनुसार- विक्रम के गले पर फांसी के फंदे जैसा नीला निशान था। चेहरे पर चोट के निशान थे और मुंह से खून भी निकल रहा था। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम के साथ FSL टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। मृतक के पिता का दावा है कि पोस्टमॉर्टम के दौरान डॉक्टरों ने भी मौत के तरीके को लेकर संदेह जताया था। पिता के अनुसार- डॉक्टरों ने मौखिक रूप से गला दबाने से मौत की आशंका बताई और पेट में जहर की मौजूदगी की बात कही। हालांकि मौत का वास्तविक कारण और घटनाक्रम पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक जांच के आधार पर पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ है। साल 2012 में हुई थी विक्रम-सुनीता की शादी परिजनों के मुताबिक- विक्रम नायक और सुनीता की शादी साल 2012 में हुई थी। शादी के बाद से ही दोनों के बीच विवाद चल रहा था। पिता का आरोप है कि सुनीता और उसके पीहर पक्ष के लोग विक्रम को लगातार परेशान करते थे और उसे परिवार के साथ नहीं रहने देते थे। विक्रम ऑटो चलाता था। कुछ समय से वह पत्नी सुनीता के साथ अलग-अलग स्थानों पर किराए के मकानों में रह रहा था। पिता का आरोप है कि सुनीता जहां नौकरी करती थी। वहीं उसने विक्रम को भी बुलाया था। इसी दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ। बाद में विक्रम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दो बच्चे, बचपन से दादा-दादी के पास रह रहे विक्रम और सुनीता के दो बच्चे हैं। इनमें 13 साल का बेटा और 12 साल की बेटी है। मृतक के पिता के मुताबिक- दोनों बच्चे बचपन से ही हमारे पास रह रहे हैं। पिता का आरोप है कि सुनीता बच्चों की देखभाल भी ठीक से नहीं करती थी। जब वह घर आती थी तो बच्चों के साथ मारपीट करती थी। उन्हें अपने साथ ले जाने का प्रयास करती थी। ईश्वर लाल का आरोप है कि विक्रम अपनी पत्नी और बच्चों का खर्च उठाने के साथ ही अपने माता-पिता की भी आर्थिक मदद करता था। मां बोली- मेरे बेटे को इंसाफ मिलना चाहिए विक्रम की मां मंजू देवी ने कहा- मेरे बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए। मां का आरोप है कि विक्रम की पत्नी उससे आए दिन झगड़ा करती थी। बच्चों की ओर भी ध्यान नहीं देती थी। मंजू देवी ने पुलिस-प्रशासन से बेटे की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने हत्या की धाराओं में दर्ज किया मामला आदर्श नगर थानाधिकारी छगन लाल डांगी ने बताया- मृतक के पिता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मृतक की पत्नी सुनीता नायक और उसके पिता लहरी सिंह नायक को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। पुलिस एफएसएल जांच, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले की जांच पूरी कर ली है। पुलिस जांच में यह पता लगाया जा चुका है कि विक्रम की मौत किन परिस्थितियों में हुई। घटना में पत्नी और उसके पिता की क्या भूमिका रही। पुलिस मामले में जल्द खुलासा करेगी।