शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। खाद्य सुरक्षा टीम ने सबस्टैंडर्ड (अमानक) खाद्य पदार्थ बेचने पर 6 फर्मों के खिलाफ एडीएम (प्रशासन) कोर्ट में चालान पेश किए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक कुमार गुप्ता द्वारा लिए गए नमूनों की लैब रिपोर्ट फेल आने के बाद यह कार्रवाई की गई। इस बीच शिकायत मिलने पर मंगलवार को खाद्य सुरक्षा टीम ने सेक्टर-11 स्थित चस्का बार व रेस्टोरेंट पर दबिश दी। जांच के दौरान मौके पर दोबारा इस्तेमाल हो रहे गंदे तेल का नमूना लेकर लैब भेजा गया। रेस्टोरेंट की दीवारें गंदी मिलीं, वहीं कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट, वाटर टेस्टिंग रिपोर्ट और पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट गायब थीं। इस पर इंप्रूवमेंट नोटिस थमाया गया है। इनके सैंपल अमानक अधिकारियों के अनुसार पानेरियों की मादड़ी स्थित रीगल इंटरप्राइजेज से आम का अचार अमानक निकला। श्री गणपति डेयरी (झीणी रेत चौक) पनीर का सैंपल अमानक पाया गया। महावीर मिष्ठान भंडार, फतहपुरा पर मक्खन बड़ा का नमूना फेल हुआ, जबकि सवीना में इंदौरी नमकीन की नमकीन अमानक पाई गई। डबोक में खजूरिया श्याम इंटरप्राइजेज की आइसक्रीम का सैंपल अमानक, जबकि घासा में दिनेश डांगी से लिया घी एवं मावे का सैंपल सबस्टैंडर्ड पाया गया था। सबस्टैंडर्ड उत्पाद पर 5 लाख तक जुर्माना और असुरक्षित खाद्य सामग्री पर 6 माह से आजीवन कारावास का प्रावधान है।