अजमेर नगर निगम में बीजेपी के हेमंत सांखला डिप्टी मेयर बन गए हैं। यहां लॉटरी से डिप्टी मेयर के नाम की घोषणा की गई। बीजेपी के हेमंत सांखला और कांग्रेस के नौरत गुर्जर को 40-40 वोट मिले थे। ऐसे में लॉटरी निकाली गई। हेमंत सांखला के जीतने के बाद उनकी पत्नी मोनिका सांखला और बेटी जगवी निगम पहुंचे। इस दौरान पत्नी ने निगम परिषद में विराजित गणपति भगवान के दर्शन भी किया। सांखला ने जीत के बाद सबसे पहले अपनी पत्नी मोनिका सांखला और बेटी जगवी को गले लगाकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दी। भास्कर से बात करते हुए डिप्टी मेयर ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि निर्णय कैसा भी रहा हो, जीत आखिर जीत ही है। बता दें कि हेमंत सांखला सिविल कॉन्ट्रेक्टर हैं, भाजपा में लंबे समय से सक्रिय हैं और जिला मंत्री व पूर्व पार्षद रह चुके हैं। चुनाव से जुड़े अपडेट देवनानी बोले-बीजेपी पर जनता का विश्वास: जीत के बाद डिप्टी मेयर हेमंत सांखला विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और मेयर अनामिका शर्मा से मिले। इस मौके पर वासुदेव देवनानी ने इसे भाजपा के प्रति जनता का अटूट विश्वास बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की विकास नीतियों के साथ पिछले ढाई साल में अजमेर में हुए विकास कार्यों पर जनता ने मुहर लगाई है। देवनानी ने कहा कि नगर निगम चुनाव में भाजपा के पार्षद जीते और अब डिप्टी मेयर भी भाजपा का बना है। मेयर और डिप्टी मेयर की जोड़ी मिलकर अजमेर के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ेगी। कांग्रेस को भी मिला निर्दलीयों का साथ: डिप्टी के चुनाव में निर्दलीयों के वोट भी कांग्रेस के पक्ष में पड़े। इससे पहले पुष्कर के होटल में बाड़ाबंदी के दौरान पार्षदों के बीच सहमति बनाने और समर्थन जुटाने पर चर्चा हुई थी। बहुमत के लिए निर्दलीयों की भूमिका अहम होने से समझौते के तहत किसी निर्दलीय को पद देने का विकल्प भी खुला है। 2021 में क्रॉस वोटिंग से कांग्रेस के 8-10 पार्षदों का समर्थन भाजपा को मिला था। कांग्रेस के पास 37 पार्षद हैं। महापौर चुनाव से पहले कुछ पार्षदों और निर्दलीयों को डिप्टी मेयर पद का आश्वासन दिए जाने की चर्चा थी। नेता प्रतिपक्ष के लिए नौरत गुर्जर का नाम प्रमुखता से चल रहा था। डीसीसी अध्यक्ष डॉ. जयपाल ने कहा था कि नाम सहमति से जल्द तय होगा। ------------- यह खबरें भी पढ़ें...... अजमेर में 8वीं बार बीजेपी का बोर्ड,अनामिका शर्मा बनीं मेयर:* निर्दलीयों से गठजोड़ में भाजपा रही आगे; ससुर ने पार्टी का झंडा लेकर किया डांस अजमेर-कांग्रेस खेमें में टूट के कारण मेयर चुनाव में पिछड़ी:* 3 पार्षदों ने बदला अपना वोट; 37 सीटों के साथ 3 निर्दलीयों का भी समर्थन था