अजमेर नगर निगम में मेयर के बाद डिप्टी मेयर का चुनाव भी पूरा हो गया। वार्ड 46 के भाजपा पार्षद हेमंत सांखला मंगलवार को डिप्टी मेयर चुने गए। खास बात यह रही कि चुनाव में भाजपा के हेमंत सांखला और कांग्रेस के नौरत गुर्जर को बराबर 40-40 वोट मिले। इसके बाद लॉटरी का सहारा लिया गया। इसमें हेमंत सांखला के नाम से जीत निकली। इस चुनावी घटनाक्रम को देखें तो नगर निगम में भाजपा ने अजमेर उत्तर और अजमेर दक्षिण दोनों विधानसभा क्षेत्रों को मेयर और डिप्टी मेयर के पद पर प्रतिनिधित्व दिया है। अजमेर उत्तर के विधायक और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी हैं। वहीं अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से विधायक अनिता भदेल आती हैं। वार्ड 3 की पार्षद अनामिका शर्मा सोमवार को 43 वोट लेकर मेयर बनी थीं, जबकि कांग्रेस की किरण गढ़वाल को 37 वोट मिले थे। इसके अगले ही दिन डिप्टी मेयर के चुनाव में तस्वीर बिल्कुल अलग रही और दोनों प्रत्याशियों को 40-40 वोट मिले। डिप्टी मेयर हेमंत सांखला को महापौर अनामिका से कम वोट मिले। मेयर चुनाव में 3 वोट का अंतर, डिप्टी मेयर में बराबरी 80 वार्डों वाले अजमेर नगर निगम में चुनाव परिणाम के बाद भाजपा के 32, कांग्रेस के 37 और 11 निर्दलीय पार्षद चुने गए थे। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों के पास अपने दम पर मेयर बनाने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं थी। मेयर चुनाव के दौरान भाजपा के पार्षदों के साथ भाजपा से बागी होकर निर्दलीय जीते 6 पार्षद और कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय जीते 2 पार्षद भी दिखाई दिए थे। इसके बाद अनामिका शर्मा को 43 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल को 37 वोट मिले। इन आंकड़ों को लेकर कांग्रेस के तीन पार्षदों के क्रॉस वोटिंग करने की चर्चा सामने आई, क्योंकि कांग्रेस के पास 37 पार्षद थे और उसकी प्रत्याशी को भी 37 ही वोट मिले। वहीं भाजपा के 32 पार्षदों के मुकाबले अनामिका शर्मा को 43 वोट मिले। न भाजपा को अतिरिक्त वोट मिले, न कांग्रेस को डिप्टी मेयर चुनाव में यही गणित बदलता नजर आया। भाजपा प्रत्याशी हेमंत सांखला और कांग्रेस प्रत्याशी नौरत गुर्जर दोनों को 40-40 वोट मिले। यानी मेयर चुनाव में जिस तरह भाजपा प्रत्याशी को अतिरिक्त वोट मिले थे, डिप्टी मेयर चुनाव में वैसा अंतर नहीं बना। कांग्रेस के प्रत्याशी को भी अपने पार्षदों की संख्या से तीन वोट अधिक मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी को भी भाजपा के 32 पार्षदों से आठ वोट अधिक मिले। बराबरी के बाद लॉटरी से फैसला हुआ। इससे राजनीतिक संकेत यह जरूर सामने आता है कि दोनों चुनावों में निर्दलीय और दूसरे खेमों से आए पार्षदों की भूमिका अलग-अलग रही। मेयर चुनाव और डिप्टी मेयर चुनाव के वोटिंग पैटर्न में अंतर रहा। उत्तर में मेयर, दक्षिण में डिप्टी मेयर... भाजपा ने दोनों विधानसभा क्षेत्रों को साधा अजमेर नगर निगम के चुनावी समीकरण में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आता है। मेयर पद पर वार्ड 3 की अनामिका शर्मा चुनी गईं। उन्हें अजमेर उत्तर के विधायक और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के करीबी माने जाने वाले पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष सीताराम शर्मा की पुत्रवधु के तौर पर देखा जाता है। वहीं डिप्टी मेयर के लिए भाजपा ने अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 46 के पार्षद हेमंत सांखला को मैदान में उतारा। ऐसे में नगर निगम के दोनों प्रमुख पदों पर शहर के दोनों विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व हो गया। पार्षदों की संख्या में उत्तर आगे, दक्षिण से डिप्टी मेयर नगर निगम चुनाव में भाजपा के सिंबल पर अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से 23 पार्षद चुने गए थे। वहीं अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से विधायक अनिता भदेल के क्षेत्र में भाजपा के 9 पार्षद चुने गए। इसके बावजूद डिप्टी मेयर के लिए दक्षिण क्षेत्र से हेमंत सांखला को प्रत्याशी बनाया गया। वे 40-40 की बराबरी के बाद लॉटरी से चुने गए। इस तरह पदों के स्तर पर देखें तो मेयर का पद उत्तर क्षेत्र को और डिप्टी मेयर का पद दक्षिण क्षेत्र को मिला।