अजमेर की कृष्णगंज थाना क्षेत्र में प्लॉट बेचने के नाम पर 2 करोड़ रुपए लेकर रजिस्ट्री नहीं कराने का मामला सामने आया है। वेस्ट-वे हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड की अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता मोनिका सैनी ने हनुमान सिंह मेहता के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और धमकाने का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कॉर्नर प्लॉट बताया, 2 करोड़ एडवांस लिए पुलिस के अनुसार आरोपी ने अजमेर विकास प्राधिकरण की पंचशील योजना नगर में स्थित B-489-A नंबर का 378 वर्गमीटर का व्यावसायिक भूखंड (प्लॉट) अपना बताते हुए शिकायतकर्ता को दिखाया। प्लॉट का सौदा 2 करोड़ 75 लाख रुपए में तय होने का दावा है। इसके बाद 29 जून 2025 को इकरारनामा किया गया। पीड़ित के अनुसार सौदे के तहत 2 करोड़ रुपए एडवांस के रूप में आरोपी के बैंक खाते में RTGS से चार किश्तों में जमा किए गए। इसमें 3 जून, 5 जून, 6 जून और 7 जून 2025 को 50-50 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए। 75 लाख का डिमांड ड्राफ्ट तैयार कराया, फिर भी रजिस्ट्री नहीं शिकायत में आरोप है कि इकरारनामे के अनुसार रजिस्ट्री के समय बाकी 75 लाख रुपए देने थे। रजिस्ट्री के लिए शिकायतकर्ता ने मार्च और अगस्त 2026 में विधिक नोटिस भी भेजे। 25 अगस्त को आरोपी को यह भी बताया गया कि 75 लाख रुपए का डिमांड ड्राफ्ट तैयार है और रजिस्ट्री कराई जाए। इसके बावजूद आरोपी रजिस्ट्री कराने को तैयार नहीं हुआ। पीड़ित ने आरोप लगाया कि 21 अगस्त को हनुमान सिंह मेहता शिकायतकर्ता के जयपुर स्थित क्लिनिक पहुंचे। वहां मौजूद लोगों और स्टाफ के सामने आरोपी ने कथित रूप से तेज आवाज में चिल्लाकर बदतमीजी की और डराया-धमकाया। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि इस घटना से वह डर गई और मानसिक रूप से परेशान हुई। मामला दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पीड़ित के अनुसार आरोपी ने बाद में 29 सितंबर को उप-पंजीयक कार्यालय अजमेर में रजिस्ट्री कराने की बात कही थी। शिकायतकर्ता ने 28 सितंबर को कई बार फोन कर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि आरोपी ने फोन नहीं उठाया और न ही वापस कॉल किया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है।