नगर निगम अजमेर में मेयर पद के लिए कांग्रेस की किरण गढ़वाल चुनाव लड़ेगी। आज पूरा दिन गहमा-गहमी के बीच उनके खिलाफ दर्ज आपत्ति को निर्वाचन अधिकारी ने खारिज कर दिया है। दरअसल, नामांकन की जांच के बीच भाजपा की दावेदार अनामिका शर्मा ने किरण गढ़वाल के खिलाफ आपत्ति दर्ज करवाई थी। आपत्ति लगाए जाने के बाद से नगर निगम में हंगामा शुरू हो गया था। भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी, अन्य कार्यकर्ता और अनामिका शर्मा की ओर से वकील भी मौजूद रहे। इस दौरान भारी पुलिस फोर्स भी तैनात की गई। कांग्रेसियों ने नारेबाजी भी की। इस दौरान दोनों पक्षों के लोग पहुंच गए और हंगामा हुआ। अब कल नाम वापसी का दिन है। उसके बाद अधीकृत रूप से चुनाव की घोषणा कर दी जाएगी। बता दें कि 80 वार्ड में भाजपा को 37, कांग्रेस को 32 व निर्दलीय को 11 सीट मिली थी। कांग्रेस प्रत्याशी पर ये लगाया था आरोप भाजपा की दावेदार अनामिका शर्मा ने आरोप लगाया था कि किरण गढ़वाल के गढ़वाल पैलेस पर निगम की 19 लाख 18 हजार 628 रुपए की राशि वर्ष 2018 से बकाया है। इसके नोटिस भी जारी हो चुके हैं। इसके बावजूद नगर निगम ने एनओसी जारी कर दी, जो गलत है। निगम अधिनियम की धारा 24 का हवाला दिया और कहा कि नामांकन में बकाया राशि की जानकारी छुपाई। ऐसे में नामांकन खारिज किया जाए। आपत्ति खारिज करने का आदेश दोनों पक्षों को सुनने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने किरण गढ़वाल का नामांकन सही मानते हुए आपत्ति को खारिज कर दिया। निर्वाचन अधिकारी अनिल कुमार पूनिया ने आदेश में बताया कि किरण गढवाल अजमेर नगर निगम के वार्ड 57 की सम्यक रूप से निर्वाचित सदस्य है। इस संबंध में राजस्थान नगर पालिका (निर्वाचन) नियम 1994 के नियम 78(3) के प्रावधानानुसार कोई निर्वाचित सदस्य भी अध्यक्ष के रूप में चुनें जाने या उसका पद धारण करने का पात्र होगा। इसलिए इस स्तर पर प्रस्तुत आपत्ति निरस्त किए जाने योग्य है। इस संबंध में आपत्तिकर्ता विधि के विहित प्रावधानों के तहत पृथक कार्यवाही करने के लिए स्वतंत्र है। अत: इन तथ्य को देखते हुए अनामिका शर्मा की ओर से प्रस्तुत आपत्ति प्रार्थना-पत्र निरस्त की जाती है। भाजपा की ओछी राजनीति और लोकतंत्र की हत्या का प्रयास-कांग्रेस कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ये भाजपा की ओछी राजनीति और लोकतंत्र की हत्या का प्रयास है। भाजपा प्रत्याशी अनामिका की ओर से कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल के खिलाफ एक आपत्ति दर्ज कराई गई। इस पर कांग्रेस प्रत्याशी की ओर से विधिक प्रतिनिधि एडवोकेट विवेक पाराशर रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष उपस्थित हुए और जवाब प्रस्तुत करने के लिए एक घंटे का समय मांगा। नियमानुसार 3 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच होनी थी, लेकिन साजिश के तहत ठीक 2:55 बजे नगर निगम का एक नया दस्तावेज पेश किया गया। इसमें अचानक यह बताया गया कि नगर निगम द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल को जो पूर्व में अदेयता प्रमाण पत्र (NOC) जारी किया गया था, उसे निगम द्वारा "विड्रॉ" (निरस्त) कर लिया गया है। भाजपा ने रिटर्निंग अफसर पर लगाए आरोप, कहा-कानूनी कार्रवाई करेंगे भाजपा की ओर से जारी बयान में बताया-आपत्ति का निस्तारण रिटर्निंग अधिकारी ने आपत्ति में प्रस्तुत तथ्यों पर कोई गौर किए बिना आदेश पारित कर आपत्ति को गलत आधार पर खारिज किया है, जो आदेश किसी भी रूप में विधिसम्मत नही है। विधिक बिन्दु राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 24 की उपधारा 18 में स्पष्ट प्रावधान है कि किसी भी व्यक्ति की यदि कोई राशि नगर निगम अथवा निकाय में बकाया है तो वह व्यक्ति चुनाव लडने के लिए अयोग्य हो जाता है। फिर भी रिटर्निग अधिकारी ने मनमाने तौर पर अनामिका शर्मा द्वारा प्रस्तुत आपत्ति को खारिज कर अविधिक निर्णय पारित किया है। जिसके विरूद्ध अनामिका शर्मा सक्षम स्तर पर उचित कानूनी कार्यवाही करेंगी। यह खबर भी पढ़ें....... हिंगोरानी-रश्मि पर सहमति नहीं बनी,तो किरण का नाम तय हुआ:* कांग्रेस ने 37 पार्षदों से की रायशुमारी; भाजपा में प्रदेश नेतृत्व से आया अनामिका का नाम