अजमेर नगर निगम में दशहरा महोत्सव, दुर्गा स्थापना और रामलीला की तैयारियों को लेकर बुधवार को हुई बैठक में कमेटियों में प्रतिनिधित्व को लेकर भाजपा-कांग्रेस पार्षद आमने-सामने हो गए। बैठक में 5 कमेटियों में से 4 में भाजपा और 1 में कांग्रेस पार्षद को शामिल किए जाने पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई। कांग्रेस पार्षदों ने बराबर प्रतिनिधित्व की मांग की। इसी दौरान भाजपा पार्षद सतीश बंसल और कांग्रेस पार्षदों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर कांग्रेस पार्षद बैठक से वॉकआउट कर गए। बाद में सभी कांग्रेस पार्षद नौरत गुर्जर के नेतृत्व में कृष्णगंज गंज थाने पहुंचे। बीजेपी पार्षद सतीश बंसल के खिलाफ लिखित शिकायत दी। शिकायत में गाली-गलौज, अभद्रता और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। 5 कमेटियों में 4 भाजपा, 1 कांग्रेस पार्षद; यहीं से शुरू हुआ विवाद महापौर अनामिका शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में दशहरा, दुर्गा स्थापना और रामलीला सहित आगामी धार्मिक आयोजनों की तैयारियों पर चर्चा होनी थी। इस दौरान आयोजनों के लिए गठित 5 कमेटियों की सूची सामने आई। कांग्रेस पार्षदों ने इसमें 4 भाजपा और केवल 1 कांग्रेस पार्षद को शामिल किए जाने पर सवाल उठाया। कांग्रेस की महिला पार्षद मीनाक्षी यादव ने कमेटियों में बराबर प्रतिनिधित्व देने की मांग रखी। कांग्रेस पार्षदों का कहना था कि निगम में कांग्रेस और निर्दलीय मिलाकर 40 पार्षद हैं, इसलिए आयोजनों से जुड़ी कमेटियों में भी संतुलित प्रतिनिधित्व होना चाहिए। इसी मुद्दे पर भाजपा पार्षद सतीश बंसल और कांग्रेस पार्षदों के बीच बहस शुरू हो गई। कांग्रेस का आरोप है कि बहस के दौरान गाली-गलौज और अभद्रता की गई। बैठक से निकले कांग्रेस पार्षद, शाम को थाने पहुंचे विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस पार्षद बैठक से बाहर निकल गए। कांग्रेस पार्षद नौरत गुर्जर के नेतृत्व में पार्षद कृष्णगंज गंज थाने पहुंचे। यहां पुलिस को दी शिकायत में भाजपा पार्षद सतीश बंसल पर महिला पार्षद से अभद्रता, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप लगाए गए। कांग्रेस पार्षदों ने मामले में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती और संबंधित पार्षद माफी नहीं मांगते, वे निगम के आयोजनों का बहिष्कार करेंगे। महापौर बोलीं- बात रखने का मौका था, गुस्से में बाहर निकल गए महापौर अनामिका शर्मा ने कहा- दशहरा, दुर्गा स्थापना और रामलीला को सभी पार्षदों के सहयोग से भव्य तरीके से आयोजित करने के लिए बैठक बुलाई गई थी। किसी पार्षद को कमेटियों को लेकर आपत्ति थी तो वह बैठक में अपनी बात रख सकता था। उन्होंने कहा- कांग्रेस पार्षदों ने शुरुआत में ही विरोध किया और उनकी बात सुने बिना बाहर निकल गए। बाद में अधिकारियों के जरिए उन्हें दोबारा बैठक में बुलाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे नहीं आए। महापौर ने कहा- त्योहार शहर का है। इसे राजनीति से ऊपर उठकर मनाया जाना चाहिए। अभद्रता के आरोपों पर उन्होंने कहा कि कहासुनी की स्थिति बनी हो सकती है, दोनों पक्षों को संयम रखना चाहिए था। नौरत गुर्जर बोले- महिला पार्षद से बदतमीजी बर्दाश्त नहीं कांग्रेस पार्षद नौरत गुर्जर ने आरोप लगाया- महापौर के बुलावे पर कांग्रेस पार्षद सकारात्मक सोच के साथ बैठक में पहुंचे थे। लेकिन 5 में से 4 कमेटियों में भाजपा पार्षदों को प्रतिनिधित्व दिया गया। जब महिला पार्षद मीनाक्षी यादव ने बराबरी का मुद्दा उठाया तो सतीश बंसल ने कथित तौर पर गाली-गलौज और अभद्रता की। गुर्जर ने कहा कि अधिकारियों और महापौर के सामने महिला पार्षदों को धमकाने जैसी स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि शहर में इस तरह की दादागिरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।