अजमेर में नगर निगम के मेयर चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशी आमने-सामने आने के बाद शुक्रवार को सियासी हलचल तेज हो गई। कांग्रेस ने पुलिस-प्रशासन पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। अजमेर देहात कांग्रेस अध्यक्ष एवं किशनगढ़ विधायक डॉ. विकास चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारी कलेक्ट पहुंचे और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। चौधरी ने इसे लोकतांत्रिक जनादेश को कमजोर करने का प्रयास बताया। वहीं, शहर कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी कलेक्ट्रेट पहुंचे और बाद में एसपी कार्यालय के बाहर धरना दिया। धरने के बाद एसपी को ज्ञापन देकर भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सोनी और नगर निगम अधिकारी रमेश चौधरी पर निगम के पुराने भवन से फाइल ले जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जांच और कार्रवाई की मांग की गई। कांग्रेस ने दावा किया कि अपने करीब 37 पार्षदों के साथ 5 निर्दलीय पार्षदों के साथ कुल 42 पार्षदों की बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में बाड़ेबंदी की है। शुक्रवार को रिसॉर्ट में कांग्रेस पार्षदों की बैठक भी हुई। बैठक कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक दिनेश गुड्डूराव के नेतृत्व में हुई। कांग्रेस का दावा है कि 36 साल बाद अजमेर में उसका बोर्ड बनने जा रहा है। दरअसल, गुरुवार को मेयर पद के नामांकन की जांच के बाद कांग्रेस की किरण गढ़वाल और भाजपा की अनामिका शर्मा के नामांकन सही पाए गए थे। भाजपा प्रत्याशी की ओर से कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल पर निगम की बकाया राशि को लेकर लगाई गई आपत्ति को निर्वाचन अधिकारी ने खारिज कर दिया। इसके साथ ही अजमेर मेयर चुनाव में अब मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधे तौर पर तय हो गया है। देखिए-चुनाव से जुड़ी आज की PHOTOS अजमेर में कांग्रेस के 37, भाजपा के 32 और निर्दलीय 11 पार्षद नगर निगम के 80 वार्डों के परिणाम में कांग्रेस के 37, भाजपा के 32 और निर्दलीय 11 पार्षद हैं। मेयर बनाने के लिए 41 पार्षदों के समर्थन की जरूरत है। ऐसे में 11 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो गई है। कांग्रेस की ओर से 40 पार्षदों के साथ होने का दावा किया जा रहा है, इनमें 3 निर्दलीय भी शामिल हैं। वहीं दोनों ही दल निर्दलीय पार्षदों के समर्थन को लेकर अपने-अपने दावे कर रहे हैं। इसी बीच पार्षदों की बाड़ेबंदी भी जारी है। अब निगाह 21 सितंबर पर नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मेयर चुनाव का अंतिम फैसला 21 सितंबर को होगा। इसी दिन नगर निगम के पार्षद मतदान करेंगे और अजमेर को नया मेयर मिलेगा। फिलहाल दोनों खेमे अपने पार्षदों को एकजुट रखने और बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए रणनीति में जुटे हैं। ऐसे में 11 निर्दलीय पार्षदों का रुख चुनाव के दिन तस्वीर साफ करने में अहम रहेगा। यह खबरें भी पढ़ें....... हिंगोरानी-रश्मि पर सहमति नहीं बनी,तो किरण का नाम तय हुआ:* कांग्रेस ने 37 पार्षदों से की रायशुमारी; भाजपा में प्रदेश नेतृत्व से आया अनामिका का नाम अजमेर में कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी किरण गढ़वाल लडे़ंगी चुनाव:* भाजपा प्रत्याशी की आपत्ति खारिज; 19 लाख बकाया का लगाया था आरोप