बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व मंगलवार को भीलवाड़ा में धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। शहर में 6 जगह रावण दहन के कार्यक्रम हुए। नगर निगम की ओर से तेजाजी चौक में मुख्य समारोह आयोजित किया गया, जहां रावण दहन की प्रक्रिया 2 मिनट से भी कम समय में पूरी हो गई। यहां 51 फीट ऊंचे रावण के साथ 35-35 फीट के कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए गए। रावण दहन के साथ लंका भी जली। इस दौरान आतिशबाजी हुई और शहरवासियों ने जमकर जयकारे लगाए। देखें … रावण दहन की तस्वीरें राम-रावण युद्ध का मंचन, भगवान चारभुजानाथ का बेवाण पहुंचा रावण दहन से पहले रामलीला के कलाकारों का जुलूस तेजाजी चौक पहुंचा। यहां राम और रावण की सेनाओं के बीच युद्ध का मंचन किया गया। संध्या वेला में बड़ा मंदिर से भगवान चारभुजानाथ का बेवाण तेजाजी चौक पहुंचा। यहां भगवान के हाथों लंका द्वार ध्वस्त करने की परंपरा निभाई गई। इसके बाद मेघनाद, कुंभकर्ण और रावण के पुतलों का दहन किया गया। रावण दहन के बाद आतिशबाजी की गई। शहर में 6 जगह हुआ रावण दहन तेजाजी चौक के अलावा शहर की लेबर कॉलोनी, उपनगर पुर, सांगानेर, सालरा गांव और टंकी के बालाजी के पास भी रावण दहन किया गया। इन पांच स्थानों पर 20-20 फीट के रावण और मेघनाद के पुतले बनाए गए थे। आतिशबाजी के बीच हुई नारेबाजी तेजाजी चौक में हुए मुख्य आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे। राम-रावण युद्ध के मंचन और पुतलों के दहन के दौरान लोगों में उत्साह रहा। आतिशबाजी के बीच जमकर नारेबाजी हुई और पूरे माहौल में दशहरे की रौनक दिखाई दी।