अंतरराज्यीय शराब तस्करों को पुलिस की लोकेशन बताने के आरोपी एएसआई रणवीर सिंह को आईजी अजमेर रेंज डॉ. रवि ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। रणवीर सिंह पिछले एक साल से निलंबित चल रहा था। तत्कालीन एसपी की जांच में दोषी पाए जाने के बाद उसे निलंबित किया गया था। इसके बाद हुई विभागीय जांच में भी आरोप प्रमाणित हुए। इसके आधार पर बर्खास्तगी के आदेश जारी किए गए हैं। आईजी के मुताबिक जांच में दोष प्रमाणित पाए गए हैं। ऐसे व्यक्ति राजस्थान पुलिस सेवा में नहीं होने चाहिए। दबिश देने वाली टीम की लोकेशन शेयर की थी आईजी ऑफिस के मुताबिक 1 अगस्त 2024 को पाली जिला पुलिस ने पाली शहर के ट्रांसपोर्ट नगर से नंदसिंह नाम के आरोपी को शराब तस्करी के 2022 के पुराने मामले में पकड़ा था। पूछताछ और पुलिस जांच में साइबर सेल में तैनात एएसआई रणवीर सिंह का नाम सामने आया। तत्कालीन पाली एसपी ने इसकी जानकारी अजमेर एसपी वंदिता राणा को दी। 2025 में विभागीय जांच शुरू हुई थी इसके बाद तत्कालीन एएसपी ग्रामीण दीपक शर्मा ने प्रारंभिक जांच की। रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने के बाद 2025 में विभागीय जांच शुरू की गई। आईजी ऑफिस ने विभागीय जांच की जिम्मेदारी भीलवाड़ा के तत्कालीन एडिशनल एसपी हेडक्वार्टर पारस को सौंपी। इसी दौरान एएसआई रणवीर सिंह को निलंबित कर दिया गया। जांच में सामने आया कि रणवीर सिंह पंजाब-हरियाणा के अंतरराज्यीय शराब तस्करों को दबिश देने जा रही पुलिस टीम की लोकेशन पहले ही बता देता था।