अलवर जिले में कुल 39 जिला परिषद सदस्य चुने जाएंगे। वहीं, जिला प्रमुख एसटी महिला बनेगी। जिला प्रमुख की सीट महिला की होने के कारण अलग-अलग वार्डों से पुराने नेताओं के परिवारों की महिलाएं भी मैदान में हैं। पूर्व उप जिला प्रमुख, पूर्व प्रधान, पूर्व सरपंच, रिटायर प्राफेसर व लेक्चर सहित कॉलेज छात्रा भी चुनाव लड़ रही हैं। कुल 39 सीटों पर 133 प्रत्याशी मैदान में हैं। 11 वार्डों में आमने-सामने का मुकाबला है। 11 वार्डों में त्रिकोणीय और शेष वार्डों में 3 से ज्यादा प्रत्याशी हैं। सबसे ज्यादा संपत्ति कांग्रेस प्रत्याशी प्रो. विमला वर्मा के पास है। जो रिटायर प्रोफेसर हैं और वार्ड 13 से चुनाव मैदान में हैं। बीजेपी के बड़ा चेहरा सरस डेयरी के पूर्व चेयरमैन बन्नाराम मीणा की पत्नी संतोष मीणा को माना जा रहा है। जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ रहे बीजेपी व कांग्रेस के किसी भी प्रत्याशी पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं हैं। करीब 50 प्रतिशत प्रत्याशी केवल साक्षर हैं। जिला प्रमुख एसटी महिला आरक्षित होने के कारण महिला प्रत्याशी अधिक हैं। जिला परिषद के चुनाव में करोड़पति प्रत्याशियों में वार्ड 39 से कांग्रेस प्रत्याशी नसरू खान के पास 2.60 करोड़, वार्ड 35 से कांग्रेस प्रत्याशी ताहिर के पास 1.10 करोड़, वार्ड 31 से कांग्रेस प्रत्याशी बबीता मीना के पास 1.80 करोड़, वार्ड 25 से कांग्रेस प्रत्याशी मगन चंद के पास 2.55 करोड़ रुपए, वार्ड 12 से ललिता मीना के पास 1.73 करोड़, वार्ड 11 से बीजेपी प्रत्याशी रेशम के पास 4.49 करोड़, वार्ड 10 से कांग्रेस प्रत्याशी भोलाराम के पास 1.09 करोड़, वार्ड 9 से बीजेपी प्रत्याशी मूलचंद के पास 1.06 करोड़, वार्ड 7 से कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता देवी के पास 3.20 करोड़ रुपए की संपति हैं। इसके अलावा अन्य प्रत्याशियों की संपत्ति 6 लाख से लेकर 84 लाख रुपए तक है। जिला परिषद के 39 वार्ड के बीजेपी-कांग्रेस के प्रत्याशियों की प्रोफाइल