अरुणाचल के परशुराम कुंड में अब 54 फीट ऊंचे भगवान परशुराम का भव्य स्वरूप आस्था का नया केंद्र बनेगा। राजस्थान में तैयार पंचधातु की विशाल प्रतिमा कुंड परिसर में स्थापित हो चुकी है और मकर संक्रांति से पहले इसका अनावरण प्रस्तावित है। अनावरण को राष्ट्रीय आयोजन का स्वरूप देने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी सिलसिले में अयोध्या से परशुराम कुंड तक ‘श्रीराम से परशुराम’ आमंत्रण रथयात्रा निकाली जाएगी। मकर संक्रांति पर परशुराम कुंड में देशभर से साधु-संतों और श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। इसी अवसर को केंद्र में रखते हुए अनावरण समारोह को भव्य बनाने की तैयारी है। रथयात्रा देश के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरेगी और लोगों को समारोह में शामिल होने का निमंत्रण देगी। राजस्थान में बनी, अरुणाचल में स्थापित हुई प्रतिमा 54 फीट ऊंची पंचधातु की इस प्रतिमा का निर्माण राजस्थान के प्रसिद्ध मूर्तिकार नरेश मालीराम वर्मा ने किया है। प्रतिमा की स्थापना के बाद अब इसके अनावरण की तैयारियां अंतिम चरण की ओर बढ़ रही हैं। अरुणाचल प्रदेश सरकार और विप्र फाउंडेशन संयुक्त रूप से समारोह की तैयारियों को आगे बढ़ा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक प्रतिमा अनावरण और आमंत्रण रथयात्रा की तैयारियों को लेकर गुरुवार को अरुणाचल प्रदेश सरकार और विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई। उपमुख्यमंत्री चाउना मीन की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में समारोह की रूपरेखा, अयोध्या से अरुणाचल तक प्रस्तावित रथयात्रा के मार्ग और यात्रा के अरुणाचल पहुंचने पर होने वाले कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री चाउना मीन ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अयोध्या से अरुणाचल तक पहुंचने वाली यह रथयात्रा देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को जोड़ने का माध्यम बनेगी। अरुणाचल पहुंचने पर यात्रा का भव्य स्वागत किया जाएगा। राष्ट्रीय तीर्थ के रूप में पहचान दिलाने की कवायद परशुराम कुंड को प्रमुख राष्ट्रीय तीर्थ के रूप में विकसित करने की योजना के तहत क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्य चल रहे हैं। 54 फीट की पंचधातु प्रतिमा इस परियोजना का प्रमुख आकर्षण है। अनावरण समारोह के जरिए परशुराम कुंड को देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में पहचान दिलाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। ओझा की अगुवाई में विप्र फाउंडेशन का प्रतिनिधिमंडल बैठक में विप्र फाउंडेशन की ओर से सुशील ओझा की अगुवाई में मूर्ति प्रकल्प अध्यक्ष धर्मनारायण जोशी, संयोजक परमेश्वर शर्मा, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री डॉ. सुनील शर्मा, असम जोन अध्यक्ष संजय त्रिवेदी, महामंत्री रमेश शर्मा, इस्पेक चेयरपर्सन डॉ. हर्षा त्रिवेदी, प्रभारी प्यारेलाल शर्मा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मुकेश काका, अरुणाचल प्रदेश महामंत्री भवानी पारीक और उपाध्यक्ष नीलू शर्मा मौजूद रहे।