राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा अपने बेटे डॉ. दीपेश कटारा की शादी में शामिल नहीं हो सकेंगे। पेपरलीक के 6 मामलों में उनकी अंतरिम जमानत याचिकाएं CBI, ईडी और एडीजे कोर्ट से खारिज हो गई है। वहीं, 3 मामलों में पुलिस कस्टडी में शादी में शामिल होने की अनुमति मिली है, लेकिन अन्य मामलों में छूट नहीं मिलने के कारण वे जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे। ऐसे में उनके बेटे की शादी में शामिल होने की उनकी उम्मीद पूरी होती नजर नहीं आ रही है। कटारा ने बेटे की शादी में शामिल होने के लिए 60 दिन की अंतरिम जमानत मांगी थी। लेकिन कोर्ट ने उसे अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। कटारा के वकील ने दलील दी है कि दीपेश प्रार्थी का इकलौता बेटा है और उसका विवाह 12 दिसंबर को तय हुआ है। विवाह से संबंधित धार्मिक रस्में निभाना उसकी जिम्मेदारी है। ऐसे में कटारा को 60 दिन के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाए। कटारा के खिलाफ 5 मामले लंबित वहीं एसओजी के विशिष्ट लोक अभियोजक बीएस चौहान ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि कटारा के खिलाफ 5 मामले लंबित है, जिनमें एक मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) में दर्ज है। आरोपी जिम्मेदार पद पर होते हुए पेपरलीक में शामिल रहा है। ऐसे में जमानत मिलने पर जनहित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। जांच की निष्पक्षता के लिए आरोपी का न्यायिक हिरासत में रहना जरूरी है। कस्टडी में शादी में शामिल होने की छूट जयपुर महानगर प्रथम की CBI कोर्ट और ED कोर्ट ने वरिष्ठ अध्यापक ग्रेड द्वितीय भर्ती परीक्षा के पेपरलीक से जुड़े तीन मामलों में कटारा को 60 दिन की अंतरिम जमानत देने से तो इनकार कर दिया, लेकिन उन्हें पुलिस अभिरक्षा में विवाह कार्यक्रमों में शामिल होने की अनुमति दे दी। कोर्ट ने कहा कि आरोपी 9 से 13 दिसंबर तक पुलिस कस्टडी में बेटे की शादी में शामिल हो सकता है। लेकिन इसके लिए जेल प्रशासन सुरक्षा के पुख्ता इंतजामात करेगा। फिर भी जेल से बाहर नहीं आ पाएगा वहीं, एसआई भर्ती-2020, स्कूल लेक्चरार भर्ती 2022, कृषि व्याख्यता भर्ती परीक्षा से संबंधित तीन अन्य मामलों में जयपुर महानगर द्वितीय की एडीजे कोर्ट-1 ने कटारा की अंतरिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी और उन्हें विवाह समारोह में शामिल होने की छूट भी नहीं दी। ऐसे में तीन मामलों में छूट मिलने के बाद भी कटारा अपने बेटे की शादी में शामिल होने के लिए जेल से बाहर नहीं आ पाएगा। ------------- मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… RPSC के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा की जमानत रद्द:एग्जाम से 60 दिन पहले लीक किया था पेपर, राज्य सरकार ने दायर किया था काउंटर एफिडेविट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा की अंतरिम जमानत को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया। सुप्रीम कोर्ट से पहले कटारा को अंतरिम जमानत मिली थी। राजस्थान सरकार की तरफ से दायर काउंटर एफिडेविट में उठाई गई आपत्तियों पर विचार करने के बाद सुप्रीम कोर्ट जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद शर्मा की बैंच ने अंतरिम जमानत रद्द करने का फैसला किया है। (पूरी खबर पढ़ें…)