बाड़मेर जिला परिषद 37 सीटों के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। वहीं आरएलपी ने 34 उम्मीदवारों काे मैदान में उतारा है। जिला प्रमुख की सीट सामान्य होने के कारण मुकाबला भी रोचक होने वाला है। कहीं दो भाई आमने-सामने चुनाव लड़ रहे है। तो कहीं बहन-भाई एक ही पार्टी से चुनाव लड़ रहे है। इधर, कांग्रेस में पति जिला परिषद और पत्नी पंचायत समिति सदस्य का चुनाव लड़ रही है। दरअसल, बाड़मेर जिले में पहले चरण में नामांकन के चार दिन मिले थे। मंगलवार को अंतिम दिन सुबह 10 बजे से ही जिला कलेक्ट्रेट में भारी भीड़ रही। प्रत्याशियों के साथ समर्थक नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। मंगलवार को एक ही दिन में 140 प्रत्याशियों ने 155 नामांकन दाखिल किए है। ऐसे में अब 191 प्रत्याशियों ने 212 नामांकन भरे है। इन आए हुए सभी नामांकनों की बुधवार को जांच होगी। गुरुवार को नाम वापसी की अंतिम तिथि है। पति-पत्नी लड़ रहे चुनाव बाड़मेर जिला परिषद के वार्ड संख्या 15 से पूर्व मंत्री गफूर अहमद कांग्रेस से चुनाव लड़ रहे है। वहीं धनाऊ पंचायत समिति के वार्ड संख्या 5 से पूर्व प्रधान चुनाव लड़ रही है। दोनों पति-पत्नी है। वहीं कांग्रेस से चुनाव लड़ रहे है। दोनों के चुनाव पहले चरण में है। बहन-भाई एक ही पार्टी से लड़ रहे चुनाव बीजेपी से जिला परिषद संख्या 10 से प्रभा चौधरी और वार्ड संख्या-34 से उसके चचेरे भाई मनोहरसिंह पाबड़ा चुनाव लड़ रहे है। प्रभा चौधरी राजस्थान विश्वविद्यालय की छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुकी है। वहीं, वार्ड संख्या 11 से चौहटन के पूर्व प्रधान रूपा राम सारण और वार्ड 8 से अनू देवी चुनावी मैदान में है। दोनों सगे भाई-बहन है। वहीं मनोहर पाबड़ा का परिवार कांग्रेसी रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले मनोहरसिंह पाबड़ा, प्रभा चौधरी ने बीजेपी ज्वांइन की थी। अब दोनों ही बीजेपी से अलग-अलग वार्ड से चुनाव लड़ रहे है। भाई लड़ रहे आमने-सामने चुनाव जिला परिषद की वार्ड संख्या 34 हॉट सीट हो गई है। यहांं से कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा चुनाव लड़ रहे है। वहीं बीजेपी से मामई भाई मनोहरसिंह पाबड़ा ने टाल ठोकी है। दोनों भाई एक ही वार्ड से लड़ने से इस पर सबकी नजर रहेगी। वहीं राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दोनों जिला प्रमुख के संभावित दावेदार है। हालांकि यहा पर आरएलपी ने उम्मीदवार उतारा है। पूर्व विधायक की पौत्रवधू को टिकट बायतु विधानसभा से बतौर भाजपा प्रत्याशी बालाराम मूंढ ने 2023 में विधानसभा चुनाव लड़ा था। अब जिला परिषद से भाजपा ने वार्ड 32 से प्रत्याशी बनाया है। इसी तरह बाड़मेर के पूर्व विधायक तगाराम चौधरी की पौत्र वधु पूनम चौधरी इस बार जिला परिषद वार्ड 31 से चुनाव लड़ रही है। जिलाध्यक्ष, दो पूर्व जिलाध्यक्ष मैदान में कांग्रेस से वर्तमान जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा को वार्ड 34 से मैदान में उतारा गया है। पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह खान को वार्ड 5 से टिकट दिया है। पूर्व कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गफूर अहमद को वार्ड 15 से टिकट या है। गफूर मंत्री भी रह चुके है। पूर्व विधायक अमीन खान का बेटा शेर मोहम्मद भी वार्ड संख्या 4 से चुनाव लड़ रहे है। 37 में से 34 में त्रिकोणीय मुकाबले होने के आसार जिले की 37 जिला परिषद सदस्यों में बीजेपी-कांग्रेस ने सभी पर अपना प्रत्याशी की घोषणा कर दी है। वहीं आरएलपी ने 34 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। इससे 34 सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार है। हालांकि नाम वापसी के बाद स्थिति क्लियर होगी।