बांसवाड़ा के तीनों निकायों में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) की हार और खींचतान के बाद बड़ा संगठन ने सभी पदाधिकारियों को हटा दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल रोत ने लेटर जारी कर आदेश दिया है। इस मामले में उनका कहना है कि पार्टी पदाधिकारियों ने काम नहीं किया, टिकट वितरण भी सही ढंग से नहीं किया था। इसी के साथ भितरघात और आपसी खींचतान के चलते पार्टी सीट नहीं बना पाई। आपसी खींचतान बताया कारण ​चुनाव परिणामों में मिली असफलता और भीतरघात और आपसी खींचतान को हार का मुख्य कारण माना जा रहा है। इसी के चलते राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल रोत ने कड़ा रुख अपनाते हुए बांसवाड़ा जिले की पूरी कार्यकारिणी और सभी पदाधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया है। पार्टी के इस फैसले से जिले की राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले पदाधिकारियों ने सही काम नहीं किया इस बारे में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल रोत का कहना है कि चुनाव से पहले सभी को निर्देशित किया था, लेकिन बांसवाड़ा में पार्टी पदाधिकारियों ने काम नहीं किया, टिकट वितरण भी सही ढंग से नहीं कर सही प्रचार भी नहीं किया और आपसी खींचतान से चुनावों में सफलता नहीं मिली। तीनों निकायों में नहीं खोल पाए खाता ​हाल ही में संपन्न हुए निकाय चुनावों में बांसवाड़ा नगरपरिषद के 60 वार्डों में से पार्टी ने 20 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। इनमें से एक उम्मीदवार के जरिए अपना नाम वापस लेने के बाद 19 उम्मीदवार ही चुनावी मैदान में बाकी रह गए थे। इसके अलावा कुशलगढ़ और परतापुर नगरपालिका में भी पार्टी ने अपने उम्मीदवार उतारे थे। हालांकि, बांसवाड़ा जिले की इन तीनों ही स्थानीय निकायों में पार्टी का कोई भी उम्मीदवार जीत हासिल नहीं कर सका। पढ़ें ये खबर भी… सभापति रेस में भाजपा के दो दावेदार आगे:पहली बार उतरी बीएपी का खाता भी नहीं खुला, राजेश कटारा और हेमंत राणा चुनाव हारे नगरपरिषद चुनाव के परिणामों के बाद सभापति पद को लेकर राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…