रक्षाबंधन के मौके पर शुक्रवार को बांसवाड़ा जिला कारागृह में बंद भाइयों से मिलने बहनें पहुंचीं। जेल प्रशासन ने बंदियों और बहनों के लिए विशेष मुलाकात की व्यवस्था की थी। सुरक्षा के लिए आरएसी और जेल जाब्ता तैनात रहा तथा महिला आगंतुकों की तलाशी ली गई। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, तिलक लगाया और मिठाई खिलाकर लंबी उम्र की कामना की। करीब 125 बहनों ने जेल पहूंचकर भाइयों को राखी बांधी। बंदियों से मिलने पहुंचीं बहनें बांसवाड़ा जिला कारागृह में वर्तमान में कुल 323 बंदी हैं। रक्षाबंधन के पर्व पर इन बंदियों के भाइयों-बहनों के बीच मुलाकात की विशेष व्यवस्था की गई थी। दूर-दूर से बहनें जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने पहुंचीं। जेल प्रशासन ने की विशेष व्यवस्था जेल अधीक्षक योगेश तेजी ने बताया कि पर्व को देखते हुए जेल प्रशासन की ओर से विशेष तैयारियां की गई थीं। बंदियों और उनसे मिलने आने वाली बहनों के लिए विशेष मुलाकात की व्यवस्था की गई। जेल परिसर के भीतर सुरक्षा के लिए आरएसी और जेल जाब्ता पूरी मुस्तैदी से तैनात रहा। जेल में प्रवेश करने वाली महिलाओं की सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए विशेष तलाशी अभियान भी चलाया गया। तिलक के लिए कुमकुम और रोली की व्यवस्था जेल प्रशासन की ओर से बहनों के लिए भाइयों को तिलक लगाने के लिए कुमकुम, रोली और अन्य जरूरी सामग्री की भी व्यवस्था की गई थी। इससे बहनें जेल परिसर में ही भाइयों को रक्षाबंधन की रस्म के अनुसार तिलक कर सकीं। बहनों ने बांधी राखी, खिलाई मिठाई मुलाकात के दौरान बहनों ने अपने बंदी भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। उन्होंने भाइयों को तिलक लगाया और मिठाई खिलाई। बहनों ने भाइयों की लंबी उम्र और उज्जवल भविष्य की कामना की। इस दौरान कई बहनों की आंखें नम हो गईं। वहीं भाइयों के चेहरे पर भी बहनों से मिलने की खुशी और अपनेपन का भाव दिखाई दिया। जेल की चारदीवारी के बीच रक्षाबंधन पर भाई-बहन के रिश्ते की भावनाएं साफ नजर आईं।