बारां में सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध-तर्पण और पिंडदान कार्यक्रम हुए। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तहत श्री वेदमाता गायत्री परिवार ट्रस्ट ने मनिहारा महादेव तालाब पर यह कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। गायत्री परिवार के खिल्लूराम शर्मा, चंद्रप्रकाश सांखला, डॉ. मुकेश मीणा और घनश्याम गौतम की टीम ने दसविद स्नान, यज्ञोपवीत धारण जैसे कर्मकांड कराए। 'श्रद्धा से ही श्राद्ध बनता है' इसके बाद देव तर्पण, ऋषि तर्पण, दिव्य पितृ तर्पण, पितृ तर्पण, भीष्म तर्पण और पिंडदान किया गया। पूर्वजों और सभी प्राणियों के लिए जलांजलि दी गई। वक्ताओं ने बताया कि श्रद्धा से ही श्राद्ध बनता है। पितृपक्ष में चंद्रलोक पृथ्वी के करीब होता है, इसलिए श्रद्धा से किया गया अर्पण पितरों को तृप्त करता है। डॉ. इंद्रनारायण गुप्ता और भीमराज चौधरी ने कहा कि परिजनों के लिए पेड़ लगाना सबसे अच्छा श्राद्ध है। सभी को पितरों की याद में पौधा लगाने का संकल्प दिलाया गया।