बाड़मेर में नगर निकाय चुनाव के रिजल्ट के बाद कांग्रेस में आपसी कलह सामने आई है। पूर्व विधायक मेवाराम जैन और जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा ने एक दूसरे पर आरोप लगाए हैं। पूर्व विधायक ने कहा- मेरे खुद के वार्ड 54, 2 और 1 में मेरी राय से टिकट नहीं दी। इस वजह से हम हारे। वहीं जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा ने पूर्व विधायक का बिना नाम लिए कहा- 16 जगह निर्दलीय किसने खड़े किए। 5 निर्दलीय प्रत्याशियों को धन्यवाद देने कौन गया? वहीं नगर निकाय चुनाव कमेटी के चेयरमैन मांगीलाल वडेरा ने कहा- मैं और मेवाराम जैन फेल हो गए हैं। वो खुद को स्टार प्रचारक मानते थे, लेकिन उनकी नहीं चली। अब पढ़िए किसने क्या कहा- जिताऊ उम्मीदवारों को इग्नोर किया: मेवाराम पूर्व विधायक मेवाराम जैन ने कहा- कांग्रेस आपसी गुटबाजी व सही तरीके से टिकट वितरण नहीं करने के कारण हार का सामना करना पड़ा है। ढाई साल के भाजपा के राज से त्रस्त होकर जनता कांग्रेस को वोट देने के लिए तैयार थी। लेकिन जिताऊ उम्मीदवारों को टिकट नहीं दिए गए। साथ ही कई स्थानीय नेताओं शहर में चुनाव की कमान संभालनी चाहिए थी लेकिन वह शहर में चुनाव के दौरान एक बार भी नजर नहीं आए। इसके कारण शहर में कांग्रेस की 15 साल के सत्ता से बाहर होना पड़ा है। इस हार को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी को अवगत करवाया जाएगा। ताकि हार का विश्लेषण कर जिनकी भी लापरवाही रही है उन पर कार्रवाई करने की मांग की है। बागी ले गए जीत का मार्जिन: गोदारा जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा ने कहा- कांग्रेस ने बहुत अच्छा चुनाव लड़ा। लेकिन छोटे-छोटे मार्जिन से 7-8 सीटों पर रह गए। हमारे 15-16 बागी निर्दलीय खड़े हुए थे। जीत का जितना मार्जिन था उतने बागी ले गए। पहले हमारा अनुमान था कि 30 सीटें कांग्रेस की आएगी। बागियों और छोटे-छोटे मार्जन और आपसी लड़ाई और चुनाव प्रचार में कई कमियों के कारण बोर्ड नहीं बना पाए। जनता ने पूरा विश्वास और प्यार जताया। 45 टिकट तो पूर्व विधायक की इच्छा से दी पूर्व विधायक मेवाराम जैन के आरोपों को लेकर जिलाध्यक्ष गोदारा ने कहा- 45 टिकट पूर्व विधायक की मंशा के अनुसार दी गई थी। बाकी टिकट संगठन के नियमों के अनुसार दी गई है। प्रचार-प्रसार में पूरी कमेटी और मैं खुद 55 वार्ड में गया था। जहां-जहां मुझे मीटिंग में बुलाया गया। वहां पर भी गया हूं। जहां-जहां जरूरत थी। उन नेताओं को आवश्यकता के अनुसार बुलाया गया, प्रचार किया। केवल 2 हजार वोटों का अंतर रहा है। पूर्व विधायक धन्यवाद देने क्यों पहुंचे जिलाध्यक्ष ने पूर्व विधायक का नाम लिए बिना कहा कि- 16 जगह निर्दलीय उम्मीदवार खड़े किए गए। सबको पता किसने खड़े किए। यह सभी कांग्रेस के बागी थे। कांग्रेस सिंबल को लेकर इस तरीके के बयान देते हो। आप कार्यकर्ताओं का कैसे मनोबल बढ़ाओगे। उनके कार्यालय में 5 निर्दलीय जीते वहां पर क्यों गए। खुलेआम धन्यवाद दे रहे हैं। हार के कारणों का पता करेंगे और आगे सुधार करने का प्रयास करेंगे। मेरे पास ऐसी शिकायतें आई कि किसी अन्य नेता को बुला दिया तो हमको हरा भी सकते हैं। इस तरीके से किसी प्रत्याशी और कार्यकर्ताओं पर दबाव देंगे। संगठन की बात अंदर बात रखनी चाहिए। नाराजगी बतानी चाहिए। अगर कोई बड़े-बडे नेता होंगे अगर अनुशासनहीनता करेंगे तो उचित प्लेटफॉर्म पर शिकायत करूंगा। तंज- पूर्व विधायक खुद को स्टार प्रचारक मानते थे नगर निकाय चुनाव कमेटी के चैयरमैन मांगीलाल वडेरा ने कहा- हमने सभी को जीतने वालों को टिकट दिया था। जैन कम्युनिटी वाले वार्ड में हारने का मतलब है कि मैं और मेवाराम जैन फेल हैं। हम दोनों ने मिलकर प्रचार किया। अगर निर्दलय ज्यादा खड़े नहीं होते तो हमारे 35 से ज्यादा सीटें आती। हमारी हार का मुख्य कारण निर्दलीय ज्यादा खड़े होना है। मेरा वार्ड 15 था। उसमें पूर्व विधायक मेवाराम जैन ने वीटो करके टिकट दिलाई। मैंने उसका विरोध नहीं किया। उनके कहने से टिकट दी गई। मेरे से टिकट को लेकर पूछा गया। परिणाम जो भी आए हार-जीत होती रहती है। जैन समाज के सामने हम लोग गए लेकिन हमें वोट नहीं दिए। मेरा किसी पर आरोप नहीं लगा रहा हूं। मुझे चुनाव लड़ने के लिए कहा गया था लेकिन मैंने चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। मैं चुनाव कमेटी का चैयरमैन था इसकी हार की जिम्मेदारी मेरी है। इस चुनाव में पूर्व विधायक मेवाराम जैन की चली नहीं, तीन बार के विधायक अपने-आप को स्टार प्रचारक मानते हैं उनके खुद की भी नहीं चली। निकाय चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बाड़मेर में 15 साल बाद भाजपा को बहुमत:नगर परिषद के 55 में से 29 वार्डों में जीती; चौहटन में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला बाड़मेर नगर परिषद के 55 वार्डों के नतीजे सामने आ चुके हैं। इनमें भाजपा ने बढ़त बनाते हुए 29 वार्डों में जीत दर्ज की है। पढ़ें पूरी खबर…