बाड़मेर के सेड़वा क्षेत्र के ट्रक ड्राइवर की गुजरात के गांधीधाम में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने 12 सितंबर को गांधीधाम के बी-डिवीजन थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई थी, इसके बावजूद पुलिस ने शव की शिनाख्त कराए बिना पोस्टमार्टम करवाया और अगले ही दिन अंतिम संस्कार कर दिया। मामले को लेकर परिवार ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने भी गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को ट्वीट कर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। 11 सितंबर को ट्रक खड़ा कर गायब हुआ था सुरेश मृतक के चाचा गणेशा राम ने बताया कि सुरेश कुमार (23) उर्फ तुलछाराम पुत्र तुलसाराम नेहरा सेड़वा के कुंदनपुरा गांव का रहने वाला था और गुजरात के गांधीधाम में ट्रक चलाता था। 11 सितंबर को जानकारी मिली कि सुरेश ट्रक खड़ा करने के बाद गायब हो गया है। परिवार को शक था कि उसके साथ कोई अनहोनी हुई है या किसी ने उसका अपहरण कर लिया है। इसके बाद 12 सितंबर को गांधीधाम के बी-डिवीजन पुलिस थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई गई। हॉस्पिटल से मिली थी अज्ञात युवक की बॉडी चाचा के अनुसार पुलिस को 11 सितंबर को हॉस्पिटल से एक अज्ञात युवक की बॉडी मिली थी। 14 सितंबर को पुलिस ने बिना शिनाख्त करवाए शव का पोस्टमार्टम करवा दिया। इसके अगले दिन ही शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद उन्हें शव के बारे में सूचना नहीं दी गई। परिवार ने जताया हत्या का अंदेशा परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस इस पूरे मामले में मिली हुई है। परिवार को अंदेशा है कि सुरेश की मौत किसी दुर्घटना में नहीं हुई, बल्कि यह सोची-समझी हत्या हो सकती है। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और वास्तविक घटना सामने लाने की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि गुमशुदगी दर्ज करवाते समय परिवार ने जो फोटो दिया था, उससे हॉस्पिटल से मिली बॉडी की पहचान नहीं हो पाई थी। सांसद ने गुजरात सीएम से उच्चस्तरीय जांच मांगी बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को ट्वीट कर मामले की जांच की मांग की। उन्होंने लिखा कि गांधीधाम में उनके संसदीय क्षेत्र बाड़मेर जिले के सेड़वा क्षेत्र के कुंदनपुरा निवासी सुरेश कुमार पुत्र तुलछाराम नेहरा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और परिवार को सूचना दिए बिना अंतिम संस्कार किया जाना गंभीर मामला है। सांसद ने कहा कि मामले में पुलिस की लापरवाही, नियमों की अनदेखी या अन्य गंभीर अनियमितताओं का अंदेशा है। उन्होंने कहा कि इसकी वास्तविक स्थिति उच्चस्तरीय जांच से ही सामने आ सकती है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने, परिवार को जांच की प्रगति और निष्कर्ष की लिखित जानकारी देने तथा मृतक सुरेश कुमार नेहरा के परिवार को मौत की वास्तविक जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही गुजरात सरकार से संवेदनशीलता के साथ तत्काल उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने को कहा है।