श्री वीर तेजा मेले के दूसरे दिन सोमवार को भी धार्मिक, पारंपरिक, खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहा। ब्यावर शहर और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुंचे और विभिन्न कार्यक्रमों में उत्साह से हिस्सा लिया। तेजा चौक पर झंडे और नारियल की रस्म, सुभाष उद्यान में लोकनृत्य और महिला रस्साकशी के साथ वॉलीबॉल व कबड्डी के मुकाबले दिनभर आकर्षण का केंद्र रहे। तेजा चौक पर निभाई झंडे-नारियल की रस्म दोपहर में तेजा चौक पर झंडे और नारियल की रस्म हुई। श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ इसमें भाग लिया और अपनी आस्था दिखाई। रस्म के दौरान मेले में धार्मिक माहौल नजर आया। लोकनृत्य में दिखी राजस्थान की रंगीन संस्कृति इसके बाद सुभाष उद्यान के राठी पवेलियन में लोकनृत्य कार्यक्रम हुआ। लोक कलाकारों ने राजस्थान की लोक संस्कृति, परंपराओं और कलाओं पर आधारित शानदार प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान खींचा और उन्हें खूब पसंद किया गया। महिला रस्साकशी में दिखा जोश सुभाष उद्यान में महिला रस्साकशी प्रतियोगिता भी हुई। महिलाओं ने पूरे उत्साह और जोश के साथ इसमें हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान दर्शकों ने भी खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया और मैदान में उत्साह का माहौल बना रहा। वॉलीबॉल-कबड्डी में खिलाड़ियों ने दिखाया दम मेले में वॉलीबॉल और कबड्डी के रोमांचक मुकाबले भी खेले गए। खिलाड़ियों ने पूरे जोश के साथ मैदान में अपना दम दिखाया। ये खेल प्रतियोगिताएं युवाओं और खेल प्रेमियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहीं। आस्था, संस्कृति और खेलों का संगम श्री वीर तेजा मेला आस्था, संस्कृति, परंपरा, खेल और सामाजिक मेलजोल का खास संगम बन गया है। यह शहर और आसपास के लोगों को जोड़ रहा है। मेले के अलग-अलग कार्यक्रमों से धार्मिक आस्था के साथ राजस्थान की लोक संस्कृति और स्थानीय खेल प्रतिभाओं को भी मंच मिल रहा है।