बेतिया में हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। लौरिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात करीब 11 बजे तेज रफ्तार बस सड़क किनारे चल रहे ऑर्केस्ट्रा प्रोग्राम में जा घुसी। वहां मौजूद लोगों को रौंद दिया। घटना बेतिया-लौरिया मुख्य मार्ग पर पराउ टोला बनकटवा के पास हुई। हादसे के वक्त बस में 15 पैसेंजर थे। हादसे में 12 से अधिक लोग घायल हैं। उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों की पहचान लौरिया थाना क्षेत्र के बनकटवा निवासी बहादुर महतो, संजय कुमार, भोला दुबे, देवेंद्र दुबे और छांगुर राम के रूप में हुई है। देवेंद्र दुबे के बेटे की छठी थी। उसी कार्यक्रम में डांस हो रहा था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। हादसे के बाद लोगों ने बस और ट्रक में तोड़फोड़ की। साथ ही कार्यक्रम में लगी कुर्सियां भी तोड़ी गईं। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख का मुआवजा दिया गया है। हादसे से जुड़ी कुछ तस्वीरें… ट्रक से बचने के दौरान हादसा शुक्रवार की रात गोरखपुर से बेतिया की ओर यात्री बस आ रही थी। बगहा-लौरिया मेन रोड पर सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक से टक्कर से बचने की कोशिश में बस अनियंत्रित हुई। इसी दौरान सड़क किनारे आर्केस्ट्रा कार्यक्रम में बस घुस गई। वहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, जिसे बस से रौंद दिया। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। बेटे की जन्म की खुशी में नाच रहे पिता की भी मौत 15 अगस्त को देवेंद्र दुबे के बेटे का जन्म हुआ था। 21 अगस्त की रात छठी मनाई जा रही थी। भोज के साथ-साथ ऑर्केस्ट्रा का भी आयोजन था। जिसमें गांव के लोगों के साथ-साथ गेस्ट भी थे। रोड पर LPG सिलेंडर से भरा ट्रक आ रहा था। वहीं लौरिया की ओर से शाही ट्रेवेल्स की बस जा रही थी। बस और ट्रक में टक्कर की स्थिति हो गई, जिसके बाद ड्राइवर ने बस मोड़ दी, स्पीड ज्यादा होने के कारण बेकाबू हुई और टेंट में घुस गई। चंद मिनट में वहां प्रोग्राम देख रहे गेस्ट के साथ-साथ बच्चे के पिता देवेंद्र दुबे की भी मौत हो गई। देवेंद्र दुबे पेशे से ड्राइवर थे। पांचवे बच्चे के जन्म पर कार्यक्रम था। उनकी 3 बेटियां और 2 बेटे हैं। घायलों का GMCH में चल रहा इलाज हादसे की सूचना मिलते ही लौरिया थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल एंबुलेंस की मदद से घायलों को बेतिया जीएमसीएच भेजा, जहां सभी का इलाज चल रहा है। घायलों में विनय कुमार यादव, श्याम बाबू, मोती चंद्र महतो, और नरेश राम समेत अन्य लोग शामिल बताए जा रहे हैं। लोगों ने बस पैसेंडर को नीचे उतारकर तोड़फोड़ की हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क गया और लोगों ने बस और ट्रक में तोड़फोड़ शुरू कर दी। हादसे के वक्त बस में 15 यात्री थे। भीड़ ने सभी को नीचे उतारा और फिर तोड़फोड़ की। साथ ही ऑर्केस्ट्रा में लगी कुर्सियों और स्पीकर को भी तोड़ा। हंगामे को देखते हुए नरकटियागंज एसडीपीओ जयप्रकाश सिंह तत्काल मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पैसेंजर्स को वहां से निकाला गया। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए बेतिया GMCH भेज दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। --------- इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ेंः ग्राउंड रिपोर्टः '30 सेकेंड में घर के सामने 5 लाशें बिछ गईं':जिस बेटे की छठी थी उसी के सामने पिता की मौत; बेतिया हादसे की आंखों देखी रात के करीब 10.45 बजे थे। देवेंद्र मामा ने बेटे की छठी पर ऑर्केस्ट्रा बुलाया था। भोजपुरी गाने पर डांसर नाच रही थी। परिवार और गांव के लोग घर के बाहर जुटे थे। घर के लोग भी डांस कर रहे थे। अचानक से बस आई और रौंदते हुए चली गई। 30 सेकेंड में पूरा माहौल बदल गया। घर के सामने देवेंद्र मामा की लाश पड़ी थी। जिस बेटे के लिए मामा ने छठी का कार्यक्रम रखा था उसी के सामने पिता की मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें।