भरतपुर की सेवर जेल में बहनों ने अपने भाइयों को राखी बांधी। इस दौरान बहनें भाइयों को देख रोने लगी। रक्षाबंधन के लिए जेल प्रशासन ने जेल में अलग से इंतजाम किए थे। इसके साथ ही महिला पुलिसकर्मियों ने वाहन चालकों को राखी बांधी और, ट्रैफिक नियमों के बारे में बताया। जेल में बहनों ने भाइयों को बांधी राखी जेल सुप्रिडेंट परमजीत सिंह सिंधु ने बताया कि हर साल जेल में रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाता है। रक्षाबंधन को देखते हुए अलग से व्यवस्था की गई है। सभी कैदियों को यह सुविधा दी गई है कि वह अपनी बहनों से राखी बंधवा सकें। काफी संख्या में कैदियों की बहनें राखी बांधने के लिए जेल पर आई हुई हैं। कैंटीन से मिठाई की व्यवस्था की गई इस बार मिठाई की व्यवस्था जेल कैंटीन से की गई है। अच्छी मिठाई मंगवाकर कैंटीन के जरिए महिलाओं को उपलब्ध करवाई गई है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वाहन चालकों को बांधी राखी ट्रैफिक पुलिस के ASI हरीश मीणा ने बताया कि वाहन चालकों से यातायात नियमों की पालना कराने और उनका जीवन सुरक्षित रखने के लिए यह पहल की गई। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। इसी तरह भरतपुर में महिला पुलिसकर्मियों ने वाहन चालकों की कलाई पर राखी बांधी और उनसे ट्रैफिक नियमों की पालना करने का आग्रह किया। हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने की अपील महिला पुलिसकर्मियों ने वाहन चालकों को समझाया कि दुपहिया वाहन चालक हेलमेट लगाकर चलें। वहीं चार पहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट लगाकर वाहन चलाने की अपील की गई। पुलिस ने बताया कि ट्रैफिक नियमों की पालना करने से वाहन चालकों का जीवन सुरक्षित रह सकेगा। महिला और पुरुष सभी वाहन चालकों से अनुरोध महिला पुलिसकर्मी काजल ने बताया कि सभी वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए। चाहे वह महिला हो या कोई व्यक्ति, सभी के लिए यातायात नियमों की पालना जरूरी है। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन पर वाहन चालकों को राखी बांधकर ट्रैफिक नियमों का पालन करने का अनुरोध किया गया है।