भास्कर न्यूज। भरतपुर नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के आगामी चुनाव को लेकर पुलिस ने साइबर ठगी से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है। चुनाव के दौरान साइबर ठग मतदाताओं, प्रत्याशियों और चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को फर्जी लिंक, ओटीपी, क्यूआर कोड और डीपफेक वीडियो के जरिए निशाना बना सकते हैं। एसपी भरतपुर राजेश कुमार मीना ने बताया कि ठग वाट्स अप या एसएमएस पर वोटर लिस्ट में नाम देखें या पोलिंग बूथ बदल गया है जैसे मैसेज भेजकर फर्जी लिंक पर क्लिक करा सकते हैं। ऐसे लिंक पर क्लिक न करें और मतदान संबंधी जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही लें। अधिकारी बनकर मांग सकते हैं ओटीपी... पुलिस ने चेतावनी दी है कि ठग चुनाव अधिकारी बनकर वोटर कार्ड अपडेट या सत्यापन के नाम पर ओटीपी, बैंक डिटेल या यूपीआई पिन मांग सकते हैं। ऐसी कोई भी जानकारी साझा न करें। चुनावी चंदे या फंड के नाम पर भेजे गए क्यूआर कोड और यूपीआई लिंक की जांच करें। पैसे प्राप्त करने के लिए यूपीआई पिन डालने की जरूरत नहीं होती। सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी वीडियो, ऑडियो और डीपफेक सामग्री को बिना पुष्टि के आगे शेयर न करें। प्रत्याशी और कार्यकर्ता अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर टू-स्टेप-वेरीफिकेशन जरूर सक्रिय करें। चुनाव ड्यूटी में लगे कार्मिक संवेदनशील जानकारी निजी डिवाइस या पब्लिक वाई-फाई पर साझा न करें।