शहर में चल रहे विकास कार्यों के चलते कई जगह सड़कें टूटी हुई हैं और रास्ते बंद किए गए हैं। इससे बाजारों में कारोबार प्रभावित होने का दावा व्यापारियों की ओर से किया गया है। व्यापारियों का कहना है कि सड़कें टूटी होने और वैकल्पिक रास्ते नहीं मिलने के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। धीमी गति से चल रहे विकास कार्यों से परेशान व्यापारियों ने अब 7 दिन बाद दोबारा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। व्यापार महासंघ के अनुसार अक्टूबर में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ भरतपुर बंद भी किया जाएगा। 6 अप्रैल को पहली बार हुआ था आंदोलन व्यापार महासंघ के अध्यक्ष संजीव गुप्ता ने बताया कि 6 अप्रैल 2026 को व्यापारियों ने आंदोलन का बिगुल बजाया था। उस समय शहर में काले झंडे लेकर रैली निकालने का कार्यक्रम था। इसी दौरान सरकार के लोग व्यापारियों के पास पहुंचे और प्रशासन की ओर से समस्या के समाधान का प्रयास करने का आश्वासन दिया गया। दुकानें टूटने पर मुआवजे की थी मांग संजीव गुप्ता के अनुसार उस समय व्यापारियों की मुख्य मांग थी कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान जिन व्यापारियों की दुकानें टूटेंगी, उन्हें मुआवजा दिया जाए। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों और व्यापारियों के बीच चर्चा हुई। BDA कमिश्नर कनिष्क कटारिया से हुई बातचीत में स्टेशन रोड की चौड़ाई 36 मीटर से घटाकर 24 मीटर करने पर सहमति बनी। व्यापारियों ने खुद तोड़े निर्माण 24 मई 2026 को एक बार फिर बैठक हुई, जिसमें मुआवजे को लेकर चर्चा की गई। व्यापारियों के अनुसार प्रशासन के साथ लिखित में समझौता हुआ। अधिकारियों के वादे के मुताबिक व्यापारियों ने प्रशासन की ओर से लगाए गए निशान तक अपने निर्माण खुद तोड़े और इसके बाद उन्हें दोबारा बनाना शुरू कर दिया। वैकल्पिक रास्ते नहीं मिलने से परेशानी व्यापारियों का कहना है कि अब बाजार की स्थिति बेहद खराब है। बाजार पूरी तरह बंद पड़ा है और जगह-जगह सड़कें खुदी हुई हैं। कई स्थानों पर पानी भरा हुआ है। विकास कार्यों के दौरान कोई वैकल्पिक रास्ता भी नहीं दिया गया। व्यापारियों के अनुसार उनकी दुकानदारी 100 प्रतिशत से घटकर करीब 10 प्रतिशत रह गई है। त्योहारों से पहले आंदोलन की तैयारी व्यापार महासंघ अध्यक्ष संजीव गुप्ता ने बताया कि त्योहारों का सीजन आने वाला है। विकास कार्यों के चलते ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में व्यापारियों ने दोबारा आंदोलन करने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि मुख्य मांग बाजारों को व्यवस्थित तरीके से चलाने की है। व्यापारियों का आरोप है कि ठेकेदार मनमाने तरीके से अलग-अलग स्थानों पर गड्ढे खोद रहे हैं, जिससे परेशानी बढ़ रही है। 7 दिन बाद काम रुकवाने की चेतावनी संजीव गुप्ता ने कहा कि 7 दिन बाद व्यापारी विकास कार्य रुकवाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से बात करने पर मुख्यमंत्री का नाम लिया जाता है। व्यापारियों का आरोप है कि अधिकारियों की ओर से जनता के पैसे को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि 7 दिन बाद आंदोलन शुरू किया जाएगा और अक्टूबर में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें भरतपुर बंद भी शामिल होगा।