निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही बीकानेर में पार्षद बनने की दौड़ तेज हो गई है। कार्यकर्ता टिकट के लिए आवेदन कर रहे हैं तो बड़े नेताओं के लिए भी ये चुनाव अपने-अपने पॉवर सेंटर मजबूत करने का जरिया बनते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस में जहां संगठन की प्रक्रिया के साथ बड़े नेता अपने स्तर पर उम्मीदवारी के आवेदन ले रहे हैं, वहीं भाजपा में संगठन कार्यालय के साथ विधायकों से लेकर केंद्रीय मंत्री और कैबिनेट मंत्री तक दावेदार पहुंच रहे हैं। दोनों पार्टियों में टिकट का अंतिम फैसला संगठन स्तर पर ही होना है, इसके बावजूद बड़े नेताओं ने अपने-अपने स्तर पर कार्यकर्ताओं के आवेदन लेने शुरू कर दिए हैं। बीकानेर शहर के 80 वार्ड बीकानेर पूर्व और पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों में आते हैं। ऐसे में दोनों विधानसभा सीटों से प्रत्याशी रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला और पूर्व शहर अध्यक्ष यशपाल गहलोत भी अपने स्तर पर आवेदन ले रहे हैं। कांग्रेस ने ऑनलाइन आवेदन भी लिए हैं। शहर कांग्रेस कार्यालय में अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के पास भी रोजाना कार्यकर्ता टिकट की दावेदारी लेकर पहुंच रहे हैं। वहीं देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग के कार्यालय में भी सुबह से शाम तक कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट रही है। सियाग के सामने नोखा, लूणकरनसर, श्रीडूंगरगढ़, देशनोक, नापासर और खाजूवाला नगर पालिकाओं के दावेदार आवेदन लेकर पहुंच रहे हैं। प्रत्याशियों के जरिए भी लिए जा रहे आवेदन पार्टी स्तर पर टिकट देने की जिम्मेदारी संगठन की है, लेकिन अंदरुनी व्यवस्था के तहत विधानसभा प्रत्याशियों से भी दावेदारों को लेकर रिपोर्ट ली जा रही है। कांग्रेस अपने पूर्व प्रत्याशियों के माध्यम से भी नगर निकायों में बोर्ड बनाने की तैयारी कर रही है। नोखा में कांग्रेस विधायक सुशीला डूडी, खाजूवाला में गोविंदराम मेघवाल, श्रीडूंगरगढ़ में मंगलाराम गोदारा और लूणकरनसर में डॉ. राजेंद्र मूंड के माध्यम से आवेदन लिए जा रहे हैं। इन नेताओं के पास आने वाले आवेदन बाद में देहात कांग्रेस संगठन के पास पहुंचेंगे। भाजपा में केंद्रीय मंत्री तक पहुंच रहे दावेदार भाजपा में भी टिकट के लिए दावेदार संगठन के साथ बड़े नेताओं तक पहुंच बना रहे हैं। स्थानीय निकाय चुनाव में केंद्रीय मंत्री की सीधी भूमिका नहीं होने के बावजूद बड़ी संख्या में दावेदार केंद्रीय कानून मंत्री और बीकानेर सांसद अर्जुनराम मेघवाल से सिफारिश के लिए संपर्क कर रहे हैं। बीकानेर में निगम महापौर और बाकी पांच विधानसभा क्षेत्रों में नगर पालिका अध्यक्ष बनाने की जिम्मेदारी को लेकर मेघवाल पर भी दबाव रहेगा। ऐसे में टिकट वितरण में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है। विधायकों के पास भी पहुंच रहे दावेदार कांग्रेस की तरह भाजपा में भी विधायकों और विधानसभा प्रत्याशियों के माध्यम से टिकट के लिए आवेदन किए जा रहे हैं। हालांकि पार्टी की ओर से स्पष्ट है कि संगठन स्तर पर दिए गए आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे, लेकिन टिकट चयन में विधायकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। बीकानेर नगर निगम के लिए पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी और पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास के पास रोजाना दावेदार आवेदन लेकर पहुंच रहे हैं। व्यास अपने स्तर पर दावेदारों की सूची तैयार कर रहे हैं, जिसे संगठन के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा। बीकानेर पूर्व की विधायक सिद्धि कुमारी भी इस चुनाव में सक्रिय नजर आएंगी। वहीं नोखा में पार्टी प्रत्याशी बिहारीलाल बिश्नोई, लूणकरनसर और नापासर में कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा, देशनोक में कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी, श्रीडूंगरगढ़ में ताराचंद सारस्वत और खाजूवाला में डॉ. विश्वनाथ मेघवाल के पास टिकट के लिए आवेदन किए जा रहे हैं। इन नेताओं पर अपने-अपने क्षेत्रों में पार्टी का बोर्ड बनाने का दबाव भी है। ऐसे में टिकट वितरण में इनकी परोक्ष भूमिका से इनकार नहीं किया जा रहा है।