बीकानेर नगर निगम सहित सभी पालिकाओं के दावेदार तय करने के लिए कांग्रेस और भाजपा की जयपुर में बैठक हो रही है। दोनों पार्टियों ने टिकट वितरण के लिए पर्यवेक्षक और प्रभारी तक तय किए हैं लेकिन टिकट लिस्ट जारी करने से पहले उसे जयपुर मुख्यालय से हरी झंडी दी जाएगी। बीकानेर देहात की लिस्ट लगभग फाइनल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के साथ चर्चा के बाद बीकानेर देहात की लिस्ट लगभग फाइनल हो गई है। अब शहर से जुड़े वार्डों पर चर्चा के बाद एक साथ लिस्ट जारी की जा सकती है। पार्टी प्रवक्ता मनीष सोनी ने बताया कि इस मीटिंग में केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, संगठन महामंत्री हरीश द्विवेदी, महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी के साथ ही देहात अध्यक्ष श्याम पंचारिया, विधायक ताराचंद सारस्वत, प्रभारी मुकेश दाधीच भी शामिल रहे। इसके अलावा प्रभारी जसवंत सिंह बिश्नोई, प्रभारी आत्माराम तर्ड भी रहे। जयपुर से लिस्ट फाइनल होगी बीकानेर शहर भाजपा के साथ मीटिंग आज 8 आठ बजे हो सकती है। इसमें भी मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष रहेंगे। देहात अध्यक्ष की जगह शहर अध्यक्ष उपस्थित रहेंगी। वहीं बीकानेर पूर्व और पश्चिम के विधायक भी रहेंगे। बीकानेर जिले की बैठक गुरुवार की रात होने वाली थी, लेकिन नहीं हो सकी। अब शुक्रवार सुबह से मीटिंग का सिलसिला फिर से शुरू हो गया है। वहीं कांग्रेस ने भी अपने पैनल को अंतिम रूप दे दिया है, कांग्रेस नेता भी जयपुर से ही लिस्ट को फाइनल करवाने में जुटे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी आवेदनों में कुछ नामों को अंतिम रूप से शामिल किया है। भाजपा का कोई भी ऐसा वार्ड नहीं है, जिसमें एक ही उम्मीदवार का नाम पैनल में हो। कुछ वार्डों में तो तीन से चार नाम भी है। स्थानीय नेता इन्हीं वार्डों में निर्णय को लेकर परेशान है। किसे देना है, किसे नहीं… खींचतान जारी भाजपा के लिए परेशानी का सबब ये है कि कई सीनियर नेताओं ने किसी को हर हाल में टिकट देने का अल्टीमेटम दिया है तो किसी को नहीं देने पर अड़े हैं। भाजपा में मेयर के दावेदार माने जा रहे महावीर रांका के टिकट को लेकर भी कुछ नेता अड़े हुए हैं। यहां तक कि भाजपा विधायक भी रांका के टिकट पर आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। इसी कारण जिन वार्डों से रांका टिकट मांग रहे हैं, उसके निर्णय में देरी हो सकती है। ठीक वैसे ही शहर भाजपा के अंदरुनी वार्डों में भी टिकट को लेकर खींचतान चल रही है। केंद्रीय मंत्री का विशेष दखल बीकानेर नगर निगम में पार्षद टिकट से मेयर बनाने तक की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के पास है। मेघवाल गुरुवार को जयपुर नहीं पहुंच पाए थे, इसलिए बीकानेर की मीटिंग ही स्थगित हो गई थी। ऐसे में अब शुक्रवार को मेघवाल के पहुंचने के बाद टिकटों पर एक एक वार्ड का नाम तय हो रहा है। न सिर्फ बीकानेर निगम बल्कि पालिकाओं में भी उनका ही दखल माना जा रहा है। हालांकि क्षेत्र के विधायक भी अपने स्तर पर नाम दे रहे हैं लेकिन अंतिम सूची पर मेघवाल का दखल रहेगा। मेयर और डिप्टी मेयर भी दावेदार भाजपा से मेयर रही सुशीला कंवर राजपुरोहित और नारायण चौपड़ा के महापौर काल में डिप्टी मेयर रहे अशोक आचार्य भी टिकट की डिमांड कर रहे हैं। आचार्य का वार्ड आरक्षित है,ऐसे में वो अपने घर के सामने वाले वार्ड संख्या 24 से टिकट की डिमांड कर रहे हैं। सुशीला कंवर का वार्ड पहले तो ओबीसी महिला का था लेकिन अब ये वार्ड भी सामान्य महिला का है। उधर, वार्ड संख्या 73 से भाजपा नेता दीपक पारीक भी दावेदार हैं। दीपक भी रांका की तरह महापौर के दावेदार हैं। वार्ड संख्या 43 से जेपी व्यास को टिकट दिलाने के लिए विधायक कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस में कल्ला-यशपाल और मेघवाल में खींचतान उधर, कांग्रेस में भी टिकट को लेकर जबरदस्त खींचतान हो रही है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल और विधायक प्रत्याशी रहे डॉ. बी.डी. कल्ला-यशपाल गहलोत को निगम के टिकट तय करने हैं लेकिन कई सीटों पर यहां भी सहमति नहीं बन पा रही है। कुछ सीटों पर डॉ. कल्ला और यशपाल साथ हैं तो कुछ सीटों पर यशपाल और मेघवाल की सहमति हैं। पश्चिम की सीटों पर डॉ. कल्ला निर्णय कर सकते हैं, वहीं पूर्व की सीटों पर डॉ. कल्ला तय करेंगे। पर्यवेक्षकों ने लिस्ट को अंतिम रूप दे दिया है लेकिन इस पर भी शहर अध्यक्ष ने आपत्ति जताई है।