बीकानेर के नेशनल हाईवे-62 पर लालेरा और महाजन गांव के बीच मंगलवार रात करीब 1.30 बजे एक निजी बस के टायर में अचानक आग लग गई। बस में 29 बच्चे सवार थे। स्टाफ और ड्राइवर ने सभी को 7 मिनट के अंदर सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद करीब 10 मिनट के अंदर-अंदर बस जलकर राख हो गई। बस में 11वीं और 12वीं क्लास के स्टूडेंट्स थे। ये सभी जोधपुर और नाथद्वारा का एजुकेशनल टूर पूरा करके लौट रहे थे। स्टूडेंट्स का पूरा सामान जलकर राख हो गया। रात 1.30 बजे हुआ हादसा, टायर में लगी आग महाजन थानाधिकारी भजनलाल ने बताया- हादसा मंगलवार रात करीब 1.30 बजे महाजन से लगभग 3 किलोमीटर आगे अर्जुनसर की तरफ द्वारकाधीश होटल के पास हुआ। बस सूरतगढ़ के एमआरएम स्कूल, निर्वाणा के स्टूडेंट्स को लेकर लौट रही थी। इसी दौरान बस के पिछले टायर में आग लग गई, जिसने धीरे-धीरे पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। टायर में विस्फोट होने के बाद आग और धुआं उठने लगा। स्कूल स्टाफ, ड्राइवर और कंडक्टर ने सबसे पहले बच्चों को बस से नीचे उतारा। बस में सवार थे 36 लोग, सभी सुरक्षित बस में 29 स्टूडेंट्स, 5 टीचर्स और स्टाफ, ड्राइवर और कंडक्टर सहित कुल 36 लोग सवार थे। सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। आग बुझाने के लिए बीकानेर और सूरतगढ़ से दमकलें बुलाई गईं। समय रहते बच्चों को बाहर निकाल लेने से बड़ा हादसा टल गया। स्टूडेंट्स का सामान जलकर राख हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन बस में रखा स्टूडेंट्स का सामान जलकर राख हो गया। कुछ बच्चों ने समय रहते अपना सामान बाहर निकाल लिया, जबकि कई का सामान बस में ही रह गया। आग तेजी से फैलने के कारण बच्चों को दोबारा बस के अंदर नहीं जाने दिया गया। जोधपुर और नाथद्वारा के टूर से लौट रहे थे स्टूडेंट्स स्कूल के स्टूडेंट्स का टूर जोधपुर और नाथद्वारा गया था। टूर पूरा होने के बाद बस सूरतगढ़ लौट रही थी। बीकानेर से होते हुए महाजन के आगे पहुंचने पर यह हादसा हो गया। शिक्षकों और बस स्टाफ की सूझबूझ से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। स्कूल से संपर्क करने पर टूर जाने की पुष्टि की गई, हालांकि घटना के संबंध में विस्तृत और आधिकारिक जानकारी प्रिंसिपल की ओर से दिए जाने की बात कही गई। प्रिंसिपल बोली- सभी बच्चे सुरक्षित हैं एमआरएम स्कूल प्रिंसिपल श्वेता गिल ने बताया- स्कूल के सभी बच्चे, स्टाफ पूरी तरह सुरक्षित है। टायर में आग लगने के कारण हादसा हुआ है। पीछे बैठे बच्चों ने हल्का स्पार्क देखा था, इसके बाद स्कूल में बैठे टीचर्स और अन्य स्टाफ ने सभी बच्चों को बाहर निकाल लिया। क्लास 11 और 12 के स्टूडेंट्स थे। सभी जोधपुर-नाथद्वारा गए हुए थे। जिन बच्चों का सामान आगे रखा हुआ था, उनका सामान निकल गया। जिनका सामान पीछे था, वो जल गया। ये स्टूडेंट्स 16 अक्टूबर को सूरतगढ़ से गए थे और आज इनकी वापसी थी।