बीकानेर के PBM अस्पताल में एक और प्रसूता की डिलीवरी के बाद तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। चूरू के सरदारशहर से प्रसव से पहले महिला को PBM अस्पताल रेफर किया गया था। यहां नॉर्मल डिलीवरी के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे पहले ट्रॉमा ICU और बाद में पोस्ट कोविड ICU में भर्ती किया गया, जहां रविवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों के हंगामे के बाद शव को मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। सोमवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा। सरदारशहर निवासी आनंद मीणा ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि डिलीवरी के दौरान प्रसूता को ब्लड प्रेशर बढ़ने और एक्लेम्पसिया की शिकायत थी। उसे 11 अगस्त को डॉ. कमलेश यादव की यूनिट में भर्ती किया गया था। महिला की नॉर्मल डिलीवरी हुई, लेकिन इसके बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर उसे ट्रॉमा ICU में शिफ्ट किया गया, जहां वेंटिलेटर पर लिया गया। अधीक्षक की ओर से गठित बोर्ड की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर शनिवार को उसे पोस्ट कोविड ICU में भेजा गया, जहां रविवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। सीनियर डॉक्टर्स पर लापरवाही का आरोप मृतका के परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि 14 अगस्त को जब प्रसूता की तबीयत बिगड़ी, तब कोई सीनियर डॉक्टर मौके पर नहीं आया। परिजनों के मुताबिक, रेजीडेंट डॉक्टर्स का व्यवहार भी ठीक नहीं था। सीनियर डॉक्टर को बुलाने के लिए परिजनों ने काफी आग्रह किया, लेकिन उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि सब नॉर्मल है। भाजपा नेता ने भी उठाए सवाल भाजपा नेता सुरेंद्र सिंह शेखावत ने भी मामले में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रसूता का BP ज्यादा होने के बावजूद उसे BP की दवा नहीं दी गई। जिस रात उसकी तबीयत बिगड़ी, उस समय भी कोई सीनियर डॉक्टर मौके पर नहीं आया। शेखावत का कहना है कि अगर मामले को गंभीरता से लिया जाता तो अनुपमा की तबीयत सुधर सकती थी।