चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया स्थित आरएसईबी कॉलोनी के एक क्वार्टर में करीब 5 फीट लंबा सांप दिखाई देने से परिवार में हड़कंप मच गया। क्वार्टर में रहने वाले कुंजबिहारी शर्मा ने इसकी सूचना चित्तौड़गढ़ वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण समिति को दी। सूचना मिलने पर समिति सदस्य राहुल वानखेड़े मौके पर पहुंचे और सावधानी के साथ सांप का रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के दौरान सांप की पहचान धामन प्रजाति के रूप में हुई। समिति के अनुसार धामन सांप विषहीन होता है और इंसानों के लिए नुकसानदायक नहीं होता। रेस्क्यू के बाद सांप को सुरक्षित तरीके से उसके प्राकृतिक स्थान पर छोड़ दिया गया। क्वार्टर में सांप दिखने से मची हलचल कुंजबिहारी शर्मा ने बताया- क्वार्टर के अंदर अचानक सांप दिखाई देने के बाद परिवार के लोग डर गए थे। हालांकि, किसी ने भी सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश नहीं की और तुरंत वन्यजीव संरक्षण समिति को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद समिति सदस्य राहुल वानखेड़े मौके पर पहुंचे। उन्होंने आसपास मौजूद लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए कहा। इसके बाद टीम ने बिना सांप को नुकसान पहुंचाए उसे पकड़ने की प्रक्रिया शुरू की। काफी सावधानी के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया। इस दौरान कॉलोनी के लोगों ने भी टीम का सहयोग किया और सांप को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। धामन प्रजाति का था सांप रेस्क्यू के बाद समिति सदस्य राहुल वानखेड़े ने बताया कि पकड़ा गया सांप धामन प्रजाति का था। यह सांप पूरी तरह विषहीन होता है और इससे इंसानों को खतरा नहीं होता। करीब 5 फीट लंबा यह सांप स्वस्थ अवस्था में मिला। उन्होंने बताया कि धामन सांप आमतौर पर खेतों, झाड़ियों और खुले इलाकों में पाया जाता है। कई बार खाने की तलाश में यह रिहायशी इलाकों में भी पहुंच जाता है। रेस्क्यू के बाद सांप को ऐसे स्थान पर छोड़ा गया, जहां वह अपने प्राकृतिक वातावरण में रह सके और उसे किसी तरह का खतरा न हो। पर्यावरण के लिए जरूरी हैं सांप राहुल वानखेड़े ने बताया कि आम लोगों में सांपों को लेकर डर ज्यादा होता है, लेकिन सभी सांप जहरीले नहीं होते। कई प्रजातियां पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी होती हैं। उन्होंने बताया कि धामन जैसे सांप चूहों और छोटे जीवों की संख्या को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि सांपों को मारने के बजाय उन्हें सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करवाना चाहिए।