चित्तौड़गढ़ जिले में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए डोडा-चूरा की खेप पकड़ ली। साड़ास थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में टीम ने 583 किलो 280 ग्राम डोडा-चूरा, तीन लाख रुपए नकद और एक पिकअप वाहन जब्त किया है। डोडा-चूरा से भरी पिकअप को पकड़ने के लिए एएनटीएफ टीम को करीब ढाई घंटे तक पीछा करना पड़ा। तस्कर पुलिस से बचने के लिए हाईवे छोड़कर गांवों, जंगलों और कच्चे रास्तों से भागते रहे, लेकिन टीम ने पीछा नहीं छोड़ा। बाद में स्थानीय पुलिस की मदद से आगे नाकाबंदी करवाई गई। पीछे एएनटीएफ और आगे पुलिस की घेराबंदी के कारण तस्करों के भागने के सभी रास्ते बंद हो गए और उन्हें पकड़ लिया गया। पुलिस के अनुसार जब्त डोडा-चूरा की अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 88 लाख रुपए है। चित्तौड़गढ़ बाईपास पर सूचना के बाद एएनटीएफ ने की तैयारी एएनटीएफ टीम को सूचना मिली थी कि चित्तौड़गढ़ की तरफ से एक पिकअप वाहन में बड़ी मात्रा में डोडा-चूरा ले जाया जा रहा है। सूचना में यह भी बताया गया था कि पिकअप के आगे एक स्कॉर्पियो-एन वाहन चल रहा है, जो तस्करों के लिए रास्ते की जानकारी जुटाने का काम कर रहा है। इसके बाद एएनटीएफ टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चित्तौड़गढ़ बाईपास पर नाकाबंदी कर दी। टीम ने संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की और पिकअप को पकड़ने के लिए इंतजार किया। कुछ समय बाद संदिग्ध स्कॉर्पियो-एन वाहन नाकाबंदी पर पहुंचा, लेकिन उसके पीछे आने वाली डोडा-चूरा से भरी पिकअप वहां नहीं पहुंची। इसके बाद टीम को शक हुआ कि तस्करों ने रास्ता बदल लिया है। एएनटीएफ टीम ने आसपास के रास्तों पर तलाश शुरू कर दी। नाकाबंदी देखते ही चालक ने भगाई पिकअप कुछ देर बाद एक सफेद रंग की संदिग्ध पिकअप आती दिखाई दी। जैसे ही ड्राइवर की नजर पुलिस की नाकाबंदी पर पड़ी, उसने गाड़ी रोकने के बजाय तेज गति से भगाना शुरू कर दिया। ड्राइवर ने नाकाबंदी तोड़ दी और पिकअप लेकर भाग निकला। इसके बाद एएनटीएफ टीम ने तुरंत गाड़ी का पीछा शुरू किया। तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए हाईवे पर जाने के बजाय गांवों और अंदरूनी रास्तों का सहारा लिया। उन्होंने पिकअप को कच्चे रास्तों, खेतों और जंगल की तरफ मोड़ दिया। गंगरार और साड़ास क्षेत्र में लगातार बदलते रहे रास्ते ANTF के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि तस्कर लगातार रास्ते बदलकर भागने की कोशिश करते रहे। कभी पिकअप गंगरार क्षेत्र के गांवों में पहुंची तो कभी साड़ास क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में दौड़ती रही। जंगल और कच्चे रास्तों के कारण पीछा करना मुश्किल था, लेकिन एएनटीएफ टीम ने संभावित रास्तों पर नजर बनाए रखी। कई बार पिकअप टीम की नजरों से दूर हुई, लेकिन अधिकारियों के निर्देश पर टीम ने पीछा जारी रखा। करीब ढाई घंटे तक यह पीछा चलता रहा। इस दौरान एएनटीएफ टीम ने लगभग 200 किलोमीटर तक पिकअप का पीछा किया। तस्कर लगातार बच निकलने की कोशिश करते रहे, लेकिन पुलिस की कार्रवाई से बच नहीं सके। स्थानीय पुलिस की मदद से तैयार किया घेरा जब तस्कर लगातार रास्ता बदलकर भागते रहे तो एएनटीएफ टीम ने स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद संभावित रास्तों पर स्थानीय पुलिस की ओर से नाकाबंदी करवाई गई। पीछे से एएनटीएफ टीम लगातार पीछा कर रही थी और आगे पुलिस ने रास्ता रोक दिया था। दोनों तरफ से घिरने के बाद पिकअप में सवार चारों आरोपियों ने गाड़ी से छलांग लगा दी और पैदल भागने लगे। इसी बीच गाड़ी ड्राइवर के नियंत्रण से बाहर हुई पिकअप बरसाती नदी के पानी में जा गिरी। एएनटीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर चारों आरोपियों को कुछ दूरी पर पकड़ लिया। पानी में गिरी पिकअप से निकले डोडा-चूरा के 16 कट्टे पुलिस ने जेसीबी की मदद से पिकअप को पानी से बाहर निकलवाया। इसके बाद गाड़ी की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पिकअप में 16 कट्टे मिले, जिनमें कुल 583 किलो 280 ग्राम डोडा-चूरा भरा हुआ था। इसके अलावा तीन लाख रुपए नकद भी बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार यह राशि मादक पदार्थ की खरीद-फरोख्त से जुड़ी हो सकती है। पुलिस ने डोडा-चूरा, नकदी और पिकअप वाहन को जब्त कर लिया है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है और आरोपियों से पूछताछ कर तस्करी से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जोधपुर ले जाकर ऊंचे दाम में बेचने की थी योजना पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे चित्तौड़गढ़ और आसपास के क्षेत्रों से डोडा-चूरा खरीदते थे। इसके बाद इसे जोधपुर ले जाकर बेचने की योजना थी। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे डोडा-चूरा करीब 1900 से 2000 रुपए प्रति किलो की दर से खरीदते थे और जोधपुर में इसे 4000 से 5000 रुपए प्रति किलो तक बेचते थे। इस तरह उन्हें एक किलो पर करीब दो से तीन हजार रुपए तक का फायदा होता था। पुलिस के अनुसार पकड़ी गई खेप को भी जोधपुर ले जाकर एक तस्कर के घर उतारने और बाद में अलग-अलग लोगों को बेचने की तैयारी थी। आर्थिक परेशानी के चलते शुरू की मादक पदार्थ की तस्करी पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी पहले खेती, मजदूरी, होटल संचालन और ड्राइवरी जैसे काम करते थे। आरोपियों ने बताया कि काम में कमी, उधारी और पिकअप गाड़ी की किश्तों का खर्च बढ़ने के कारण उन्होंने जल्दी पैसा कमाने के लिए डोडा-चूरा तस्करी का रास्ता अपनाया। पुलिस अब आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। जोधपुर जिले के रहने वाले हैं चारों आरोपी इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में विक्रम पुत्र रामस्वरूप पंचारिया (21) निवासी ओस्तरा, थाना भोपालगढ़, जिला जोधपुर, रेंवतराम पुत्र सोनाराम डूडी (32) निवासी खारड़ा मेवसा, थाना करवड़, जोधपुर ग्रामीण, संतोष कुमार पुत्र ओमप्रकाश लोल (19) निवासी उम्मेदनगर, थाना मथानिया, जिला जोधपुर और धर्मेन्द्र पुत्र सुमेर डूडी (25) निवासी कागल, पीपाड़ सिटी, जिला जोधपुर शामिल हैं। पुलिस ने 583 किलो 280 ग्राम डोडा-चूरा, तीन लाख रुपए नकद और पिकअप वाहन जब्त किया है। मामले की जांच जारी है।