चित्तौड़गढ़ शहर में उपभोक्ता मामले की विधिक माप विज्ञान विभाग की टीम ने बुधवार को मेडिकल स्टोर्स पर अचानक विजिट किया। टीम यह जानना चाहती थी कि मेडिकल उपकरणों की बिक्री में उपभोक्ताओं से तय कीमत से ज्यादा राशि तो नहीं वसूली जा रही। जांच में व्यवस्थाएं सही पाई गईं। विभाग की टीम ने शहर के न्यू महावीर मेडिकल स्टोर, गैलेक्सी मेडिकोज और चौधरी मेडिकल स्टोर का आकस्मिक निरीक्षण किया था। इस दौरान मेडिकल उपकरणों, डिवाइस और पैकबंद उत्पादों पर लिखी जानकारी की जांच की गई। टीम ने देखा कि उत्पाद पर निर्माता की जानकारी, अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP), विक्रय मूल्य सहित अन्य जरूरी घोषणाएं दर्ज हैं या नहीं। MRP से ज्यादा कीमत लेने का नहीं मिला मामला निरीक्षण के दौरान टीम ने मेडिकल उपकरणों की कीमतों का भी मिलान किया। जांच में सामने आया कि तीनों स्टोर पर उपकरणों को तय MRP से ज्यादा कीमत पर नहीं बेचा जा रहा। मौके पर मौजूद सामान और बिक्री व्यवस्था में भी किसी तरह की अनियमितता नहीं मिली। तीनों मेडिकल स्टोर पर व्यवस्थाएं सही मिलीं और किसी तरह की गड़बड़ी सामने नहीं आई। नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई विधिक माप विज्ञान अधिकारी भगवतीलाल पालीवाल ने बताया- विभाग का उद्देश्य बाजार में बिकने वाली वस्तुओं में तय नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। मेडिकल उपकरण लोगों की जरूरत से जुड़े सामान हैं, इसलिए इनकी बिक्री में पारदर्शिता जरूरी है। विभाग की ओर से आगे भी ऐसी अचानक जांच जारी रहेगी। मेडिकल उपकरणों के अलावा अन्य पैकबंद वस्तुओं की भी जांच की जाएगी। अगर किसी स्टोर पर पर MRP से ज्यादा कीमत वसूलने, जरूरी जानकारी नहीं लिखने या विधिक माप विज्ञान नियमों का उल्लंघन करने का मामला मिला तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा- विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य दुकानदारों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि बाजार व्यवस्था को सही रखना और उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा करना है। कार्रवाई उपभोक्ता मामले विभाग (जयपुर) के मंत्री सुमित गोदारा के निर्देश पर अभियान के तहत की गई।