चूरू में रक्षाबंधन के अवसर पर राजस्थान महिला कल्याण मंडल संस्था की ओर से संचालित ‘एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन’ परियोजना के तहत सिकाउ स्थित एएसपी कार्यालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्र की पाठशाला में पढ़ने वाले बच्चों ने एएसपी डॉ. कृष्णा सामरिया को रक्षा सूत्र बांधकर बाल सुरक्षा और संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान एएसपी ने बच्चों को सुरक्षा का संकल्प दिलाया और उन्हें उपहार भेंट किए। बाल सुरक्षा सबकी सामूहिक जिम्मेदारी कार्यक्रम में एएसपी डॉ. कृष्णा सामरिया ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण केवल पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। यह बाल सुरक्षा से जुड़े विभागों, संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सिकाउ सेल प्रभारी के तौर पर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा तथा उन्हें न्याय दिलाने में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। पुलिस से डरें नहीं, दोस्त समझें महिला थाना प्रभारी कुसुमलता ने बच्चों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें पुलिस से डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि पुलिस उनकी दोस्त है। उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पुलिस का प्राथमिक उत्तरदायित्व है। उन्होंने बच्चों को किसी भी प्रकार की परेशानी या हिंसा की स्थिति में बिना डर के पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया। बच्चों को दिलाया सुरक्षा का संकल्प इस अवसर पर डॉ. सामरिया ने बच्चों को सुरक्षा का संकल्प दिलाया और उन्हें आशीर्वाद दिया। उन्होंने बच्चों को उपहार भी भेंट किए। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने और उन्हें जरूरत पड़ने पर पुलिस व संबंधित संस्थाओं से बेझिझक मदद लेने के लिए प्रेरित करना रहा। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में जिला समन्वयक रुकैया पठान, फील्ड को-ऑर्डिनेटर सुमन चोपड़ा, कालिका टीम प्रभारी कौशल्या, सुनीता, चंदा और सुमन सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।