एसएमएस से जुड़े स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में आ रहे मरीजों को इंजेक्शन और इलाज में इस्तेमाल होने वाले कई जरूरी सामान के लिए बाहर की दुकानों पर भेजने का मामला सामने आया है, जबकि हॉस्पिटल अधीक्षक का दावा है कि दवाइयों और अन्य आइटम का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। दरअसल, स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट ने बिल्डिंग में निर्माण कार्य चलने के कारण आरयूएचएस के दो फ्लोर ले रखे हैं, जहां स्टेट कैंसर के मरीजों को भर्ती किया जाता है। यहां थैरेपी पर आने वाले व अन्य डे-केयर में भर्ती हुए मरीजों को शनिवार को दवाइयों के लिए बाहर भेजा गया। मरीजों के परिजनों का कहना है कि डीडीसी काउंटर पर पहुंचे तो पर्ची पर ऑन्डेन्सेट्रॉन, डेक्सोना इंजेक्शन, एनएस, नीडल पर क्रॉस कर दिया गया और बाहर से लाने को कहा गया। ऐसे में दवाइयों और इंजेक्शन के अलावा कैनुला सेट, एसवी सेट सहित अन्य मेडिकल आइटम भी बाहर से खरीदने पड़े। कैसे कहेंगे आयुष्मान भवः? 13 में से 6 दवाओं पर क्रॉस शनिवार को सीकर से मरीज को डे-केयर में लेकर आए युवक ने बताया कि पर्ची पर डॉक्टर ने दवा लिखी। डीडीसी काउंटर पर लेने पहुंचे तो उन्होंने नीडल, आईवी सेट, 2 इंजेक्शन बाहर से लाने का कहकर क्रॉस लगा दिया। अन्य दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। फिर अनुपलब्ध दवाइयां बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदकर लाए। भर्ती मरीज की दवा भी बाहर से मंगवाई 63 वर्षीय मरीज के परिजनों ने बताया कि हॉस्पिटल के अंदर दवा काउंटर पर नीडल, एनएस 250 एमएल भी नहीं मिली। जिसके लिए बाहर मेडिकल से जाकर खरीदना पड़ा। मरीज डे-केयर में भर्ती हुआ था। बाहर से दवा मंगवा रहे हैं तो जांच करवाएंगे : अधीक्षक अस्पताल में दवाइयों और अन्य जरूरी सामान का पर्याप्त स्टॉक है। मरीजों को बाहर से सामान नहीं मंगवाया जा रहा है। यदि इस तरह का कोई मामला सामने आता है, तो उसकी जांच करवाई जाएंगी। -डॉ. संदीप जसूजा, अधीक्षक, स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट कुछ दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं : स्टोर इंचार्ज कुछ दवाइयां अनुपलब्ध हैं, इनके लिए परचेजिंग ऑर्डर भेजे हुए हैं। जल्दी ही उपलब्ध कराई जाएगी। -शनन, स्टोर इंचार्ज एससीआई