शहर के चांग गेट स्थित कुमारानंद सर्किल पर रविवार शाम मजदूर किसान शक्ति संगठन की ओर से ‘वोट का अधिकार, जीने का अधिकार’ अभियान के तहत रैली, धरना दिया। प्रदर्शनकारी एसआईआर प्रक्रिया रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। ​रविवार शाम को जब संगठन सोशल एक्टिविस्ट निखिल डे, शंकर सिंह के नेतृत्व में सनातन धर्म स्कूल राठी जी की हवेली से धरना स्थल कुमारानंद सर्किल तक रैली निकाल रहे थे, इसी दौरान रैली की अनुमति व आईडी कार्ड मांगने पर विहिप कार्यकर्ताओं और मजदूर किसान शक्ति संगठन के कार्यकर्ताओं में विवाद हो गया। विवाद के बाद संगठन की रैली चांग गेट कुमारानंद सर्किल पहुंची। उसी दौरान विहिप और भाजपा कार्यकर्ता भी चांग गेट पहुंच गए। रैली के दौरान विवादित नारे लगाने की बात को लेकर दोनों पक्ष के लोग आमने सामने हो गए। कुछ ही देर में बात धक्का मुक्की और मारपीट तक पहुंच गई। इस दौरान वहां पर भारी भीड़ एकत्रित हो गई। रैली के दौरान दोनों पक्षो में होता विवाद। दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों को सिटी थाने ले जाया गया। उनके बीच काफी देर तक लंबी वार्ता चलती रही। विहिप कार्यकर्ताओं ने मजदूर किसान शक्ति संगठन के कार्यकर्ताओं पर मारपीट करने, बिना अनुमति रैली निकालने, चांग गेट पर विरोध प्रदर्शन करने का आरोप लगाया। खबर लिखे जाने तक दोनों पक्ष सिटी थाने में थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुकृति उज्जैनिया ने कहा कि दोनों पक्षों से परस्पर शिकायतें मिली हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज तथा वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की लोगों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। घटना की सूचना मिलते ही सिटी थानाधिकारी आशुतोष पांडे पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। सीओ सिटी नरेंद्र पारीक भी मौके पर पहुंचे तथा आक्रोशित लोगों को शांत कराया। मामले की जानकारी मिलते ही विधायक शंकर सिंह रावत भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे। विधायक ने बाहर से आए लोगों पर शहर का माहौल खराब करने का आरोप लगाया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुकृति उज्जैनिया भी सिटी थाने पहंुची। इस दौरान सदर थानाधिकारी गजराज सहित सदर थाने, सिटी थाने का जाप्ता तैनात रहा।