कोटा के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में 58 वर्षीय बुजुर्ग को अगवा कर मारपीट करने और दबाव बनाकर खाली बैंक चेक व स्टांप पर हस्ताक्षर कराने का मामला सामने आया है। पीड़ित सुधीर श्रीवास्तव ने उद्योग नगर थाने के हिस्ट्रीशीटर गुड्डू हजरत और उसके साथियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने 2 पुलिसकर्मियों की मिलिभगत का भी आरोप लगाया है। पीड़ित का आरोप है कि उन्हें व उनके परिचित को रातभर थाने में बैठाकर रखा गया। थाना सीआई आनंद यादव का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिसकर्मियों पर लगे आरोपों की जांच की जा रही है। चाय पीते समय धोखे से बुलाकर ले गए, मारपीट की घटना 2 सितंबर दोपहर करीब 3 बजे स्वामी विवेकानंद नगर की है। पीड़ित सुधीर श्रीवास्तव ने उद्योग नगर थाने में शिकायत दी है। पुलिस को दी रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित सुधीर श्रीवास्तव का कहना है कि वह कोटा के कंसुआ चौराहे पर चाय पी रहा था, तभी वहां शब्बीर नाम का युवक अपने साथी के साथ आया। उसने सुधीर श्रीवास्तव से कहा कि आपको भाई साहब बुला रहे हैं। दोनों सुधीर श्रीवास्तव (पीड़ित) को गोविंद नगर स्थित एक मकान पर ले गए। वहां उद्योग नगर थाने का हिस्ट्रीशीटर गुड्डू हजरत पहले से मौजूद था। आरोप है कि उसने सुधीर की कॉलर पकड़कर गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी। मौके पर 5 से 7 लोग मौजूद थे। पैसे लेने की बात स्वीकारने का दबाव बनाया आरोप है कि हिस्ट्रीशीटर गुड्डू और उसके साथियों ने पीड़ित पर ओंकार लाल कोली से रुपए लेने की बात स्वीकर करने का दबाव बनाया। आरोपियों ने 26 लाख रुपए की पिक्चर बनाने की बात कही और मोबाइल से पीड़ित का वीडियो भी बना लिया। यहीं नहीं आरोपियों ने पीड़ित को गोबरिया बावड़ी स्थित एक जेरोक्स की दुकान पर ले जाकर जबरन स्टांप पेपर पर लिखवाया और नोटरी से सत्यापित करवाया। इसके अलावा एसबीआई के आरकेपुरम ब्रांच के 2 खाली चेक पर जबरन सिग्नेचर करवा लिए। पीड़ित के परिचित को भी बंधक बनाकर चेक और स्टांप पर साइन कराए सुधीर के मुताबिक, आरोपियों ने उनके पुराने परिचित मुश्ताक को भी बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की। उससे भी दो खाली चेक और स्टांप पर हस्ताक्षर करवाए गए। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने ओंकार लाल कोली या किसी अन्य व्यक्ति से कोई रकम उधार नहीं ली थी। इसके बावजूद अब हस्ताक्षर किए हुए चेक बैंक में लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि 6 लाख रुपए नहीं देने पर जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। पुलिसकर्मियों से मिलीभगत का आरोप, रातभर थाने में बैठाया पीड़ित ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान आरोपी पुलिसकर्मियों के संपर्क में थे। फोन पर आरोपियों ने कथित तौर पर कहा कि उन्होंने पिटाई कर दी है और अब बाकी काम थाने में कर देना। सुधीर का आरोप है कि दो पुलिसकर्मियों ने उन्हें और मुश्ताक को रातभर थाने में बैठाकर रखा। अगले दिन उनकी पत्नी के पहुंचने के बाद उन्हें छोड़ा गया। शिकायत के बाद भी चेक नहीं लौटाने का आरोप सुधीर के अनुसार, उन्होंने मामले की शिकायत थाना सीआई से की थी। उन्हें चेक वापस दिलाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक चेक और स्टांप वापस नहीं मिले। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।