डीग में जिला कलेक्टर मयंक मनीष के आदेशों की अनदेखी करने का मामला सामने आया है। गणेश विसर्जन उत्सव के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित होने के बावजूद शहर के 2 निजी स्कूल खुले रहे। शुभम पब्लिक स्कूल और मां भारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में स्टूडेंट्स को बुलाया गया और पढ़ाई कराई गई। इससे जिला प्रशासन के आदेशों के पालन पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि छुट्टी के दिन भी इन स्कूलों में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं। उनका कहना है कि जब जिला प्रशासन ने छुट्टी घोषित की है, तो निजी स्कूलों को भी इसका पालन करना चाहिए था। स्कूलों का इस तरह चलना प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी है। शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि शहर के कई निजी स्कूल नियमों का पालन नहीं करते, लेकिन विभाग की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। कई बार तो कार्रवाई सिर्फ नोटिस देने तक ही सीमित रह जाती है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि कलेक्टर द्वारा घोषित अवकाश का पालन सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में होना चाहिए। छुट्टी के दिन स्कूल खुलने की शिकायतों पर शिक्षा विभाग को मौके पर जाकर जांच करनी चाहिए। जांच के बाद स्थिति होगी साफ अवकाश के दिन विद्यालय संचालन को लेकर अब जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर नजर है। यदि जांच में कलेक्टर के आदेशों की अवहेलना की पुष्टि होती है तो संबंधित निजी विद्यालय के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग उठ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को केवल आदेश जारी करने तक सीमित नहीं रहकर उनकी पालना भी सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि भविष्य में निजी विद्यालय संचालक सरकारी आदेशों की अनदेखी नहीं कर सकें।