दमकलकर्मियों का धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। बासनी केमिकल फैक्ट्री ब्लास्ट में जान गंवाने वाले तीन फायर फाइटर्स को शहीद का दर्जा देने और उनके परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग को लेकर वे कलेक्ट्रेट के बाहर डटे रहे। कर्मचारियों ने सरकार से विशेष कमेटी बनाकर मांगों पर जल्द फैसला लेने की मांग की। कांग्रेस पार्षद गणपत सिंह चौहान भी धरने में शामिल हुए और कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया। बता दें कि गत 23 सितंबर को बासनी की केमिकल फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान हुए धमाके में कई दमकलकर्मी झुलस गए थे। इलाज के दौरान तीन फायर फाइटर्स प्रीतेश, सुरेंद्र और प्रदीप की मौत हो गई। 26 सितंबर को प्रीतेश ने दम तोड़ा था। फिर 60 फीसदी झुलसे 22 वर्षीय सुरेंद्र और 80 से 90 फीसदी तक झुलसे प्रदीप की मौत हो गई। कर्मचारियों का कहना है कि विपरीत परिस्थितियों में लोगों की जान बचाने वाले फायरकर्मियों और उनके परिवारों की सरकार को सुध लेनी चाहिए।