नीट-यूजी की राजस्थान स्टेट काउंसलिंग के तीसरे राउंड में 600 अंकों पर सीट आवंटन की दो अलग तस्वीरें सामने आई हैं। 720 में से 600 अंक लाने वाले एससी वर्ग के छात्र को ऑल इंडिया रैंक (एआईआर) 9928 पर एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर में सरकारी सीट मिल गई। वहीं, इतने ही अंक लाने वाले सामान्य और ओबीसी वर्ग के छात्रों को एसएमएस में जगह नहीं मिली। उन्हें चूरू, भीलवाड़ा, भरतपुर और पाली जैसे शहरों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से संतोष करना पड़ा। मेरिट सूची के आंकड़े बताते हैं कि समान अंकों के बावजूद कॉलेज आवंटन में बड़ा अंतर रहा। मेरिट में 953वें नंबर पर रहे एससी छात्र को एसएमएस मेडिकल कॉलेज मिला। वहीं, मेरिट में 937वें नंबर के ओबीसी छात्र को चूरू और 942वें नंबर के ओबीसी छात्र को भीलवाड़ा का सरकारी मेडिकल कॉलेज आवंटित हुआ। एआईआर 9821 वाली ओबीसी छात्रा को भरतपुर और एआईआर 9897 वाली छात्रा को पाली के सरकारी कॉलेज में सीट मिली। एसएमएस कॉलेज के लिए 640 से 657 अंक जरूरी शुरुआती 100 मेरिट वाले छात्रों में 657 से 640 अंक लाने वालों को ही एसएमएस मेडिकल कॉलेज की सामान्य सीटें मिल सकीं। सामान्य और ओबीसी वर्ग के 600 अंक वाले छात्र इस कटऑफ से करीब 38 से 40 अंक पीछे रह गए। ऐसे में उन्हें जयपुर से 300 से 500 किलोमीटर दूर स्थित जिलों के मेडिकल कॉलेजों का रुख करना पड़ा। अपग्रेड के लिए तीसरे राउंड तक जूझते रहे छात्र 600 अंक वाले सामान्य और ओबीसी वर्ग के ज्यादातर छात्रों को दूसरे राउंड में बाड़मेर, सिरोही या डूंगरपुर जैसे दूरस्थ जिलों में सीट मिली थी। तीसरे राउंड में प्रयास के बाद कुछ छात्र अजमेर संभाग, भीलवाड़ा या भरतपुर के कॉलेजों तक पहुंच सके। वहीं, कई छात्रों को 600 अंक होने के बावजूद पुराना कॉलेज ही रखना पड़ा, क्योंकि उनसे ऊपर के कॉलेजों की मेरिट काफी ऊंची रही। भास्कर एक्सपर्ट - अशोक बाजिया, कॅरियर काउंसलर हाईकोर्ट के फैसले पर टिका तीसरे राउंड का आवंटन तीसरे राउंड का सीट आवंटन राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ में चल रही याचिका के अंतिम फैसले के अधीन रहेगा। तीसरे राउंड में नया कॉलेज पाने वाले छात्रों को दस्तावेजों की जांच के लिए तय समय में एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर के एकेडमिक ब्लॉक में स्वयं उपस्थित होना होगा। पुराने कॉलेज में दाखिला ले चुके छात्रों के मूल दस्तावेज बोर्ड एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज भेज देगा।