धौलपुर जिले में बारिश रुक गई है, लेकिन खेतों में बर्बादी का नजारा अब भी दिख रहा है। लगातार हुई बारिश और पानी भरने से पकने को तैयार खरीफ फसलों को बहुत नुकसान हुआ है। कई खेतों में इतना पानी भर गया है कि किसान फसल तक पहुंचने के लिए टब का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे पानी के बीच उतरकर बाजरे की बालियां काट रहे हैं, ताकि बची हुई फसल को घर पहुंचा सकें। कई जगहों पर खेतों में खड़ी फसल सड़ने लगी है। इससे किसानों के सामने फसल बचाने और परिवार के गुजर-बसर का संकट खड़ा हो गया है। फसल खराबे के सर्वे के लिए कमेटी गठित कृषि अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में फसल खराबे के आकलन के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। प्रभावित क्षेत्रों से जानकारी जुटाई जा रही है। राजस्व विभाग की टीमें मौके पर जाकर फसल खराबे का आकलन कर रही हैं। फसल बीमा कराने वाले किसानों की जानकारी भी एकत्र की जा रही है। सर्वे रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी। मुआवजा या राहत पैकेज के संबंध में निर्णय सरकार के स्तर पर होगा। किसानों की मांग: खेत-खेत जाकर हो सर्वे फसल खराबे से परेशान किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि सर्वे महज कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि खेत-खेत जाकर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए। किसानों ने फसल बीमा का लाभ दिलाने, उचित मुआवजा देने और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि समय पर राहत नहीं मिली तो खेती और पशुपालन पर निर्भर परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।