धौलपुर जिले की सातों नगर निकायों में अध्यक्ष और सभापति पद के चुनाव की स्थिति अब साफ हो गई है। नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद धौलपुर नगरपरिषद, बसेड़ी और सरमथुरा में अध्यक्ष/सभापति पद पर निर्विरोध चुनाव हुआ है। वहीं, बाड़ी, मनियां, राजाखेड़ा और सैंपऊ में अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला होगा। सबसे बड़ा राजनीतिक उलटफेर धौलपुर नगरपरिषद में देखने को मिला। यहां नाम वापसी के बाद निर्दलीय प्रत्याशी गिरीश गर्ग अकेले मैदान में बचे और उन्हें निर्विरोध सभापति चुन लिया गया। धौलपुर नगरपरिषद सभापति पद के लिए नाम वापसी के आखिरी चरण में सत्यदेव कंसाना, सीमा शर्मा, निशांत सिंह, कमलजीत, शराफत खान और सुभाष शर्मा ने अपने नामांकन वापस ले लिए। इसके बाद निर्दलीय प्रत्याशी गिरीश गर्ग ही मैदान में रह गए और उनका निर्विरोध चुनाव हो गया। नामांकन वापस लेते समय कांग्रेस के पार्षद सत्यदेव कंसाना ने कांग्रेस के वार्ड पार्षदों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पार्षदों को 'बेचे जाने' की बात कही। धौलपुर नगर परिषद के 60 वार्डों में हुए चुनाव में कांग्रेस ने 27 सीटें जीती थीं। पांच साल पहले गिरीश गर्ग की पुत्रवधू को भाजपा ने सभापति पद के लिए चुनाव मैदान में उतारा था। उस चुनाव में क्रॉस वोटिंग के कारण उन्हें हार मिली थी। अब गिरीश गर्ग के निर्विरोध सभापति बनने को नगर परिषद की राजनीति में एक अहम घटना माना जा रहा है। नए नियमों के तहत गिरीश गर्ग बिना वार्ड पार्षद का चुनाव लड़े ही निर्विरोध सभापति बने हैं। बसेड़ी और सरमथुरा में भी निर्विरोध अध्यक्ष बसेड़ी नगर पालिका में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही भाजपा प्रत्याशी राघवेंद्र सिंह का निर्विरोध चुनाव तय हो गया। 25 वार्ड वाली पालिका में कांग्रेस और भाजपा ने आठ-आठ वार्डों पर जीत दर्ज की थी। अध्यक्ष पद के लिए राघवेंद्र सिंह ने भाजपा की ओर से अकेले नामांकन दाखिल किया था। सरमथुरा नगर पालिका में भी नाम वापसी के बाद कांग्रेस प्रत्याशी रामकला निर्विरोध अध्यक्ष चुनी गईं। यहां 25 वार्डों में कांग्रेस ने 15 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था, जबकि भाजपा को सिर्फ एक सीट मिली थी। अब इन 4 निकायों में होगा मुकाबला इस तरह जिले की 7 निकायों में से 3 में निर्विरोध अध्यक्ष/सभापति का निर्वाचन हो चुका है, जबकि चार निकायों में 21 सितंबर को होने वाला मतदान राजनीतिक समीकरणों की अगली तस्वीर तय करेगा।