डीडवाना-कुचामन जिले में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगी। इसमें न्यायालयों के 2207 लंबित मामलों में से 1655 का आपसी समझौते से निपटारा हुआ। कुल 79 लाख 43 हजार 733 रुपए के अवार्ड पारित किए गए। यह आयोजन राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने किया। अध्यक्ष नाहर सिंह मीणा के मार्गदर्शन में 12 बेंच बनाई गईं। सचिव विकास ऐचरा ने व्यवस्थाएं संभालीं। बेंचों में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश मनोरमा मीणा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्ञानेन्द्र सिंह, सचिव विकास ऐचरा व अन्य न्यायिक अधिकारी शामिल थे। वकीलों, कर्मचारियों, बिजली, प्रशासन, बीमा व बैंक अधिकारियों ने सहयोग किया। पारिवारिक विवाद भी समझाइश से सुलझाए प्री-लिटिगेशन स्तर के 5337 मामलों में से 913 का समाधान हुआ। डीडवाना-कुचामन जिले में राजस्व के 13,923 लंबित और 17,146 प्री-लिटिगेशन मामलों का निपटारा हुआ। पारिवारिक विवाद भी समझाइश से सुलझाए गए। प्राधिकरण के सचिव विकास ऐचरा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य केवल मुकदमों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि पक्षकारों के बीच विवादों का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है। आपसी सहमति से मामलों का निस्तारण होने पर संबंधित प्रकरणों में अपील की गुंजाइश नहीं रहती। इससे पक्षकारों का समय और धन बचता है तथा नियमानुसार कोर्ट फीस भी वापस मिल जाती है।