राजस्थान की न्यायिक व्यवस्था में अपने फैसलों और कामकाज को लेकर चर्चाओं में रहे जज दिनेश गुप्ता बुधवार (30 सितंबर) को रिटायर हो गए। रिटायरमेंट से करीब डेढ़ महीने पहले 13 अगस्त को उनकी कोर्ट का स्टेनोग्राफर बकाया भुगतान नहीं होने पर काम छोड़कर चला गया था। सरकार ने कोर्ट में दूसरा स्टेनोग्राफर नहीं लगाया। इसके कारण रिटायरमेंट के एक दिन पहले तक उन्होंने 159 फैसले अपने हाथ से लिखे। इसे लेकर वे सुप्रीम कोर्ट तक भी गए, लेकिन कोर्ट ने उनके रिटायरमेंट के 4 दिन पहले मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के समक्ष बात रखने को कही थी। सुप्रीम कोर्ट ने बताया था प्रतिभाशाली जज कॉर्मिशियल कोर्ट में जज रहते हुए दिनेश गुप्ता ने अडानी समूह के खिलाफ फैसला दिया था। इसके बाद उनका जयपुर से ब्यावर ट्रांसफर कर दिया गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद ही उनका ब्यावर से जालोर ट्रांसफर कर दिया गया। हाईकोर्ट के इस प्रशासनिक आदेश के खिलाफ दिनेश गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके कहा- रिटायरमेंट के 10 महीने पहले बार-बार ट्रांसफर करके उन्हें परेशान किया जा रहा है। इस पर सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाला बागची व जस्टिस विपुल एम.पंचोली की बेंच ने कहा था कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि गुप्ता एक प्रतिभाशाली जज हैं। इसी वजह से उन्हें जेडीए में निदेशक विधि व विधिक सेवा प्राधिकरण में पोस्टिंग दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने गुप्ता की गंभीर सेहत के कारण जयपुर में निरंतर इलाज चलने, रिटायरमेंट में मात्र 10 महीने बचने और टीचर वाइफ के रिटायरमेंट में भी कम समय होने का हवाला देते हुए हाईकोर्ट को दो हफ्ते में सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के लिए कहा था। इसके बाद उनका जयपुर की लेबर कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था। रिटायरमेंट आयु बढ़ाने के लिए पहुंचे सुप्रीम कोर्ट जज दिनेश गुप्ता ने अन्य राज्यों की तरह राजस्थान में भी जिला न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र 60 से 62 साल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर कर रखा है। इस मामले में 5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। दरअसल, ऑल इंडिया जजेज एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों से रिटायरमेंट आयु बढ़ाने पर विचार करने के लिए कहा था, लेकिन राजस्थान सहित कई राज्यों ने आयु बढ़ाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पिछली बार 1 सितंबर को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सहित इनकार करने वाले राज्यों को इस मामले में पुर्नविचार करने के लिए बोला था। 7 राज्य ऐसे हैं, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जानकारी दी है कि उन्होंने अपने यहां न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र 60 से बढ़ाकर 62 साल कर दी है। ये खबरें भी पढ़ें… शिल्पा शेट्टी किसिंग मामले से चर्चित जज ट्रांसफर से परेशान:ललित मोदी पर भी वारंट जारी कर चुके; सुप्रीम कोर्ट ने कहा- वे प्रतिभाशाली 'होटल क्लार्क्स-आमेर को सीज करने की चेतावनी':लेबर कोर्ट ने कहा- 34 साल पहले हटाए कर्मचारी को पैसा दो वरना एक्शन होगा कोर्ट बोला-लोगों को कीड़े-मकोड़े, खुद को राजा समझता है नगर-निगम:कर्मचारी के रिटायरमेंट पर मिले रुपयों से सैलरी काटने पर जताई नाराजगी, कमिश्नर से मांगा जवाब कंडक्टर का ओवरटाइम रोका, 2 IAS के खिलाफ होगी कार्रवाई:सैलरी रुकेगी, ब्याज की भी होगी वसूली; कोर्ट का एक आईएएस के खिलाफ FIR का भी निर्देश