डूंगरपुर में कांग्रेस के एससी विभाग ने पंचायती राज संस्थाओं में अनुसूचित जाति (एससी) के आरक्षण निर्धारण पर सवाल उठाए हैं। विभाग ने आरक्षण लॉटरी प्रक्रिया की फिर से जांच की मांग की है। जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष सुखदेव यादव के नेतृत्व में शुक्रवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें वार्डवार एससी जनसंख्या के आंकड़ों की जांच कराने की मांग की गई। कांग्रेस पदाधिकारियों ने ज्ञापन में जिला परिषद के 37 वार्डों में एससी आरक्षण का जिक्र किया। उन्होंने वार्ड संख्या 27 का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए विभिन्न पंचायत समितियों में तय आरक्षण की भी समीक्षा की मांग की। उन्होंने सभी वार्डों की एससी जनसंख्या की प्रतिशतवार सूची सार्वजनिक करने और आरक्षण तय करने का आधार साफ करने की भी मांग की। जांच में गड़बड़ी मिलने पर आरक्षण लॉटरी में नियमानुसार बदलाव की मांग ज्ञापन में तय आरक्षण प्रतिशत, पात्रता, 5 प्रतिशत मानदंड, आरक्षण का क्रम, पहले के आरक्षण और रोटेशन व्यवस्था को नियमों के हिसाब से जांचने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पूरी प्रक्रिया में वार्डवार जनसंख्या के आंकड़ों और आरक्षण तय करने के नियमों का मिलान होना चाहिए। अगर जांच में कोई गड़बड़ी मिलती है, तो 23 सितंबर को हुई आरक्षण लॉटरी या जारी सूची में नियमों के अनुसार बदलाव किया जाए। जिलाध्यक्ष सुखदेव यादव ने बताया कि यह मांग किसी अधिकारी या वर्ग के खिलाफ नहीं है। इसका मकसद अनुसूचित जाति के आरक्षण अधिकारों का नियमों के अनुसार पालन सुनिश्चित करना और आरक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है। ज्ञापन सौंपने वालों में एनएसयूआई प्रदेश सचिव अरविंद यादव, पूर्व विकास अधिकारी अमृतलाल यादव, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष डूंगरपुर लक्ष्मण साद, कोषाध्यक्ष और पंचायत समिति सदस्य ओमप्रकाश यादव, पूर्व पंचायत समिति सदस्य मयंक यादव, एससी ब्लॉक अध्यक्ष जयंतीलाल यादव, पुनाली ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश यादव और उपाध्यक्ष रवि जादू शामिल थे। इनके अलावा कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद थे।