साइबर ठगों ने सोशल मीडिया पर परिचित बनकर युवक से 1.30 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली। डूंगरपुर साइबर थाना पुलिस ने बिहार के पश्चिमी चंपारण से 2 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने ठगी के रुपए सीधे अपने बैंक खातों में लेने के बजाय पेट्रोल पंप के QR कोड पर ट्रांसफर करवाए। बदले में कैश राशि ले ली। पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। साइबर थानाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि 17 सितंबर को कुंआ थाना क्षेत्र के साकोदरा निवासी विनोद सिंह के इंस्टाग्राम अकाउंट पर उसके परिचित के नाम से मैसेज आया था। आरोपी ने परिचित बनकर विश्वास में लिया और बाद में एजेंट को रुपए देने के बहाने अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 1.30 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। ठगी का पता चलने पर परिवादी ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर साइबर थाना डूंगरपुर में ठगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में पुलिस ने बैंक ट्रांजेक्शन और साइबर पोर्टल पर वित्तीय ट्रेल का तकनीकी जांच की। जिसमे ठगी के रुपए पश्चिमी चंपारण क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप के बैंक खाते में ट्रांसफर होने का पता चला। इसके बाद साइबर थाना पुलिस की टीम बिहार पहुंची और पेट्रोल पंप के बैंक रिकॉर्ड, संबंधित लोगों के बयान ओर सीसीटीवी फुटेज की जांच की। जांच में सामने आया कि आरोपी हरिओम कुमार चौबे ने पेट्रोल पंप का QR कोड उपलब्ध करवाया था। ठगी के रुपए QR कोड पर ट्रांसफर होने के बाद पेट्रोल पंप से उसके बदले कैश राशि ले ली थी। आगे की जांच में सुमन कुमार पटेल की भूमिका भी सामने आई।