डूंगरपुर के भंडारिया घाटा में बस के खाई में गिरने की मॉक ड्रिल कर प्रशासन ने आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की हकीकत जांची। सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस, दमकल और आपदा प्रबंधन की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। इस दौरान सभी विभागों की गाड़ियों और राहत दलों के मौके पर पहुंचने का समय दर्ज किया गया। कोतवाली पुलिस सबसे पहले, एंबुलेंस सबसे आखिर में मॉक ड्रिल में कोतवाली थाना पुलिस सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंची, जबकि एंबुलेंस करीब 40 मिनट की देरी से सबसे आखिर में पहुंची। इस दौरान पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, दमकल और बचाव एजेंसियों की आपात प्रतिक्रिया और आपसी तालमेल को परखा गया। कलेक्टर ने कहा- कमियों को दूर किया जाएगा जिला कलेक्टर देशल दान ने बताया कि यह मॉक ड्रिल राज्य सरकार के निर्देश पर आयोजित की गई थी। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में सभी एजेंसियों के बीच तालमेल, मौके पर पहुंचने के समय और राहत-बचाव की तैयारियों को जांचना था। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल के दौरान जो भी कमियां और देरी सामने आई हैं, उन्हें संबंधित विभागों के साथ बैठक कर दूर किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि वास्तविक दुर्घटना की स्थिति में राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की देरी न हो और प्रभावित लोगों तक जल्द मदद पहुंचाई जा सके।