डूंगरपुर की चितरी थाना पुलिस ने गलियाकोट स्थित आरबीएल फिनसर्व लिमिटेड शाखा से 14 लाख 23 हजार 217 रुपए की चोरी का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में अंतरराज्यीय चोर गिरोह के 3 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पांच दिनों तक गुजरात के कई शहरों और गांवों में ठेकेदार और मजदूर का वेश धारण किया। मुख्य आरोपी को जंगलों में छह किलोमीटर तक पीछा कर पकड़ा गया। शाखा प्रबंधक राजेश कुमार सैनी ने चितरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 6 सितंबर 2026 की रात को बैंक कर्मियों द्वारा रखे गए 14.23 लाख से ज्यादा की रकम बैंक के लॉकर से चोरी हो गई थी। अज्ञात बदमाश सीढ़ियों के नीचे की जाली तोड़कर और बैंक के पीछे के दरवाजे की कुंडी तोड़कर अंदर घुसे थे। उन्होंने बैंक में ही रखी चाबियों से लॉकर खोलकर नकदी चुरा ली थी। चितरी थानाधिकारी रमेश मीणा की अगुवाई में एक विशेष टीम बनाई गई। पुलिस ने बैंक और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज देखे। साइबर शाखा की सहायता से संदिग्धों की पहचान की गई। आरोपी वारदात के बाद जगह बदलकर गुजरात में छिपे हुए थे। पुलिस टीम ने गुजरात में पांच दिनों तक ठेकेदार और मजदूर बनकर आरोपी की निगरानी की। मुख्य आरोपी जीवा उर्फ जीवतराम की खबर मिलते ही पुलिस ने उसे राजस्थान सीमा में प्रवेश करते समय रोकने की कोशिश की। इसके बाद जंगलों में करीब छह किलोमीटर पीछा कर उसे पकड़ लिया। जीवा उर्फ जीवतराम पारडा दरियाटी का रहने वाला है और कुंआ थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर चोरी, पॉक्सो और अन्य धाराओं में सात मामले दर्ज हैं। पुलिस ने हरिश उर्फ भटु निवासी पुछियावाडा और बदामी उर्फ बदा निवासी रातडिया को भी गिरफ्तार किया है। मामले में एक अन्य आरोपी मुकेश डामोर निवासी मालाखोलडा फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। पहले रेकी फिर वारदात आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पहले बैंक की सुनियोजित रेकी की थी। वारदात के बाद मुख्य आरोपी जीवा व उसका साथी मुकेश पैदल-पैदल कैमरों की नजर से बचते हुए जंगल व नदी के रास्ते मोरडी भैरवजी मंदिर पहुंचे, जहां से उनके अन्य सहयोगियों हरिश व बदामी ने उन्हें गंतव्य स्थान तक पहुंचाया था। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।