उदयपुर जिले में नगर निकाय चुनाव के बीच पूर्व राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष के भतीजे की पत्नी के चेयरमैन के लिए नामांकन करने के बाद उनके परिवार के एक निर्माण पर अवैध निर्माण के मामले में नगर पालिका ने नोटिस जारी किया गया है। अवैध निर्माण को लेकर जबाव मांगा है। पूर्व स्पीकर शांतिलाल चपलोत के भतीजे राजेश चपलोत ने अपनी पत्नी को चेयरमैन पद के लिए निर्दलीय नामांकन दाखिल कराया तो नगर पालिका ने उनकी संपत्ति पर अवैध निर्माण का नोटिस चस्पा कर एक एक दिन का समय दिया। फतहनगर नगर पालिका के चेयरमैन के चुनाव में सियासत गर्मा गई है। दरअसल, ​मावली विधानसभा क्षेत्र में फतहनगर-सनवाड़ नगर पालिका चुनाव में 25 वार्ड में से भारतीय जनता पार्टी ने 13 और कांग्रेस ने 12 वार्ड जीते है। यहां पर अब चेयरमैन के लिए सियासी उबाल आया हुआ है। यहां चेयरमैन का पद अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व हुआ है। यहां पर नाम वापसी के बाद तस्वीर साफ होगी। पूर्व चेयरमैन ने हाइब्रिड फॉर्मूले से पत्नी को उतारा नगर पालिका फतहनगर के पूर्व चेयरमैन राजेश चपलोत की पत्नी ममता ने नगर पालिका चेयरमैन के लिए नामांकन दाखिल कर सबको चौंका दिया। असल में ममता पार्षद का चुनाव नहीं लड़ी और सीधे चेयरमैन के लिए उन्होंने ताल ठोकी। असल में कांग्रेस सरकार के समय 2019 में राजस्थान नगर पालिका ​निर्वाचन नियम 1994 में बदलाव कर गैर पार्षद के भी निकाय प्रमुख बनने का प्रावधान लागू किया था। इसे हाइब्रिड फॉर्मूले का नाम दिया गया था। इसके तहत कोई बिना पार्षद बने भी चेयरमैन का चुनाव लड़ सकता है। पत्नी को मैदान में उतारते ही पालिका का नोटिस चपलोत की पत्नी ममता को चेयरमैन पद पर उन्होंने निर्दलीय जैसे ही उतारा। इस बीच नगर पालिका फतहनगर ने सनवाड़ चौराहा पर स्थित उनकी होटल देवीलीला के वहां नोटिस चस्पा कर दिया। फतहनगर पालिका के ईओ मुकेश मोहिल के हस्ताक्षर से नोटिस किसको दिया गया, यह नहीं लिखा और सीधे भू स्वामी या वर्तमान उपयोगकर्ता लिखकर संबोधित किया। इसमें कहा कि अनुमोदित प्लान में विपरीत अवैध निर्माण किया जा रहा है, जिसके संबंध में एक दिन में डॉक्यूमेंट पेश करें अन्यथा इसे सीज करने या अन्य नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में ईओ ने दैनिक भास्कर को बताया कि इस तरह के नोटिस अन्य जगह पर भी चस्पा किए है। मैदान में चेयरमैन के दावेदार फतहनगर नगर पालिका में चेयरमैन पद के लिए भाजपा से सीमा और रंभा, कांग्रेस से सोसर और निर्दलीय ममता चपलोत और प्रियंका बड़ालमिया ने नामांकन भरा। आज नामांकन पत्रों की जांच में रंभा का नामांकन खारिज हो गया और अब चार उम्मीदवार मैदान में है। कांग्रेस की सोसर देवी एसटी वर्ग वार्ड सनवाड़ से, निर्दलीय प्रियंका बड़ालमिया सामान्य वर्ग से, सीमा सोनी ओबीसी वर्ग वार्ड आदर्श कॉलोनी फतहनगर से आती है। यहां पर चपलोत की पत्नी का निर्दलीय नामांकन आने से अध्यक्ष पद का चुनाव रोचक हो गया है। अब आगे क्या हो सकता नगर पालिका में 25 वार्डों में 13 भाजपा के पार्षदों में से कुछ चपलोत के साथ है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस चपलोत की पत्नी को समर्थन दे सकती है। पिछली बार एक वोट से हार गए थे चपलोत फतहनगर नगर पालिका में राजेश चपलोत उपाध्यक्ष हुआ करते थे और जब वहां पर चेयरमैन ज्ञानचंद पाटोदी का निधन हो गया। तब चपलोत को कार्यवाहक चेयरमैन बना दिया गया था। कार्यकाल समाप्त होने के बाद पिछले चुनाव में चपलोत ने वापस पार्षद का चुनाव लड़ा, लेकिन वे एक वोट से हार गए थे। चपलोत बोले मुझे हर बार रोका, जनता मेरे साथ इधर, दैनिक भास्कर से बातचीत में राजेश चपलोत ने कहा कि जो नोटिस चस्पा किया है वह मेरे पर दबाव बनाने के लिए किया है लेकिन मै दबने वाला नहीं हूं, जनता मेरे साथ है। चपलोत ने कहा कि जो भी निर्माण कर रखा है। वह 2011 में स्वीकृति लेकर किया और नियमानुसार बनाया है। रोड से तय सेटबैक से ज्यादा हमने छोड़ रखा है। चपलोत ने कहा कि 2005, 2010, 2015 में मुझे रोका गया। मैंने पार्टी के प्रति दिन रात काम किया और इस तरह मेरे को हर बार रोका गया ये जायज नहीं है। कुछ लोगों ने मिलकर 2020 के चुनाव में मुझे एक वोट से हराया। फतहनगर में पार्टी के पदधिकारी कुछ भी करें वो जनता को नहीं खरीद सकते है और वहां की जनता मेरे साथ है। ----------------- यह खबर भी पढ़े… बिना पार्षद बने भी बन सकते हैं मेयर-चेयरमैन:चुनाव हारे नेताओं ने जताई दावेदारी, जानें- क्या है फॉर्मूला; पायलट ने किया था विरोध राजस्थान में बिना पार्षद बने भी निकाय प्रमुख बन सकते हैं। वोटर बिना चुनाव लड़े-जीते भी मेयर, सभापति और नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव लड़ सकता है। प्रदेश में चल रहे निकाय चुनावों में 13 जगह से ऐसे ही प्रत्याशी मेयर,चेयरमैन और पालिकाध्यक्ष की दावेदारी कर रहे हैं। (पूरी खबर पढ़े)