कस्बे में सात दिन से चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का रविवार को समापन हुआ। इस अवसर पर हनुमान मंदिर पर हवन कुंड में आचार्य ने मन्त्रोचार के साथ आहुति दी। रविवार की कथा में श्री कृष्ण और सुदामा की मित्रता का वर्णन किया गया। सुदामा ने श्री कृष्ण भगवान से मिलने और चावल की भेंट को छुपाते हुए सकुचाना, भगवान द्वारा पोटली खोलकर चावल खाना, तीसरी मुट्ठी खाने लगे तो रुक्मिणी द्वारा श्री कृष्ण भगवान का हाथ पकड़कर कहा कि महाराज बस करो, तीनों लोक ही मत दो। इस तरह भगवान ने सुदामा के दुःख दूर किए।आचार्य शिवप्रसाद शास्त्री ने बताया कि सोमवार को भंडारा होगा। यह आयोजन कस्बे के आर्थिक सहयोग से आयोजित किया गया। समापन पर प्रशासक रामपति देवी, देवेन्द्र सिंह राठौड़, गजानंद चाचा, दिलखुश मीणा, शोचन्दा मीणा, रामजीलाल पटेल, बजरंगा पटेल, तेजराम, मोतीलाल पटेल आदि उपस्थित थे।