सलूम्बर शहर के चंद्रशेखर आजाद मोहल्ले के होली चौक में गणेश महोत्सव के दौरान भगवान श्रीगणेश का एक अनोखा श्रृंगार किया गया। इस श्रृंगार में गणपति को 11 लाख 11 हजार 111 रुपए के नोटों से सजाया गया। चंद्रशेखर आजाद गणेश महोत्सव समिति के युवाओं ने अलग-अलग मूल्यवर्ग के नोटों को कलात्मक ढंग से सजाकर यह विशेष आंगी तैयार की। गणपति की आंगी बनाने में 500, 200, 100 और 50 रुपए के नोटों का इस्तेमाल हुआ। इन नोटों को खास डिजाइन में सजाकर आकर्षक रूप दिया गया। इसके अलावा, 11 देशों की अलग-अलग करेंसी से एक विशेष लड़ भी बनाई गई, जिसने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा। 11 धातुओं से भी सजाया गया गणपति का श्रृंगार सिर्फ नोटों तक सीमित नहीं था। भगवान श्रीगणेश को सोना, चांदी, तांबा, लोहा, कांसा, मिश्र-स्टील, एल्युमिनियम और पारा जैसी 11 धातुओं से भी सजाया गया। गणेशजी की प्रतिमा के फुंड पर एक चांदी का सिक्का भी रखा गया था। समिति के सदस्यों ने बताया कि इस पूरे श्रृंगार को तैयार करने में करीब दो दिन लगे। श्रृंगार पूरा होने के बाद भगवान गजानंद को स्टेज पर सजाया गया। गणपति के इस अनोखे रूप के दर्शन के लिए पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। महिलाएं,बच्चे और बुजुर्ग समेत कई लोग पंडाल में पहुंचे। गणपति के इस खास श्रृंगार को देखकर श्रद्धालु भावुक हो गए। स्थानीय लोगों ने कहा कि सलूम्बर में लाखों रुपए के नोटों से किया गया ऐसा गणपति श्रृंगार पहली बार देखा गया है। 1990 में शुरू हुई थी परंपरा समिति के सदस्यों ने यह भी बताया कि चंद्रशेखर आजाद मोहल्ले में गणेशजी की मूर्ति स्थापित करने की परंपरा साल 1990 में शुरू हुई थी।इस परंपरा को अब 36 साल पूरे हो चुके हैं। गणेश महोत्सव के दौरान समिति हर साल धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करती है। गणेश आरती के साथ हुई गंगा आरती,महाप्रसाद भी बांटा आयोजन के दौरान भगवान श्रीगणेश की विशेष आरती की गई।इसके साथ ही विशाल गंगा आरती का आयोजन भी हुआ। आरती के दौरान पंडाल जयकारों और भक्ति गीतों से गूंज उठा।कार्यक्रम के बाद श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन में चंद्रशेखर आजाद गणेश महोत्सव समिति के सभी कार्यकर्ता और सदस्य मौजूद रहे और व्यवस्थाओं में सहयोग किया।