जयपुर में गोशालाओं की समस्याओं के समाधान के लिए अब कमेटी बनाई जाएगी। गो अधिकार हुंकार रैली में गोशाला संचालकों की समस्याओं और बकाया राशि की रिकवरी का मुद्दा उठाया गया। रैली में गोशालाओं से बकाया राशि वसूलने का विरोध किया गया। कमेटी के जरिए गोशालाओं से जुड़ी समस्याओं पर विचार कर उनके समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। शुक्रवार को टोंक रोड स्थित श्री पिंजरापोल गोशाला में गो अधिकार हुंकार रैली और महासम्मेलन हुआ। राजस्थान गोसेवा समिति के बैनर तले हुए आयोजन में हजारों की संख्या में गोसेवक शामिल हुए। गोशाला संचालकों ने गोशालाओं के खाते से ऑडिट रिकवरी के नाम पर निकाले गए करीब 100 करोड़ रुपए का मुद्दा उठाया। उन्होंने गोशालाओं को समय पर सब्सिडी देने, पानी की व्यवस्था करने और जमीन आवंटित करने की मांग की। महासम्मेलन में द्वारिका पीठ के शंकराचार्य सदानंद सरस्वती और मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास महाराज भी पहुंचे। शंकराचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि गोवंश की देखभाल के लिए समाज और सरकार दोनों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने गोशालाओं में चारा, पानी और इलाज की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। गोशालाओं से बकाया राशि की नहीं होगी रिकवरी अखिल भारतीय गो सेवा सहयोग परिषद के अंतरराष्ट्रीय संयोजक अतुल गुप्ता ने बताया कि सरकार की ओर से मंत्री केके बिश्नोई और जोगाराम कुमावत रैली में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि सरकार ने गोशालाओं के लिए तीन महीने के विशेष पैकेज में 400 करोड़ रुपए दिए हैं। अप्रैल से जुलाई तक चार महीने की सब्सिडी एडवांस देने की बात भी कही गई है। अतुल गुप्ता ने बताया- सरकार ने गोशालाओं से बकाया राशि की रिकवरी नहीं करने का भरोसा दिया है। गोशालाओं की समस्याओं और मांगों पर फैसला लेने के लिए कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी तीन महीने में सरकार को रिपोर्ट देगी। सब्सिडी में देरी से चारे और इलाज का अटकता है खर्च राजस्थान गोसेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष महंत गोविन्दराम शास्त्री ने कहा कि प्रदेश की हजारों गोशालाएं निराश्रित गोवंश की देखभाल कर रही है। सब्सिडी समय पर नहीं मिलने से चारे, पानी और पशुओं के इलाज का खर्च चलाना मुश्किल होता है। उन्होंने सब्सिडी देने का तय कैलेंडर बनाने और लंबित भुगतान जल्द जारी करने की बात कही। पानी के लिए टैंकर और ट्यूबवेल की मांग रैली में गोशालाओं में पानी की कमी का मुद्दा भी उठा। गोसेवकों ने पाइपलाइन, ट्यूबवेल या टैंकर के जरिए पानी पहुंचाने और अकाल जैसी स्थिति को देखते हुए पशु शिविर शुरू करने की मांग की। इसके साथ ही गोशालाओं को जरूरत के मुताबिक जमीन देने और लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने की बात कही।